prashant bhushan
Prashant Bhushan

लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को खुद देश को संबोधित करते हुए इस बात की घोषणा की। उन्होंने अपने संबोधन में देशवासियों को बताया कि कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन बेहद ज़रूरी है, इसलिए सभी को लॉकडाउन का पालन करना ही होगा।

लेकिन उन्होंने अपने संबोधन में ये नहीं बताया कि इस लॉकडाउन से गरीबों को कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और लॉकडाउन के दौरान ऐसे गरीबों की मदद के लिए सरकार की ओर से क्या क़दम उठाए जा रहे हैं?

पीएम मोदी की इस घोषणा के बाद एक बार फिर से देश में अनिश्चितता का माहौल है। लोग गरीबों की स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी ट्विटर पर दिल को झकझोर देने वाला एक वीडियो शेयर कर लॉकडाउन के चलते गरीबों की दयनीय स्थिति को दर्शाने की कोशिश की है।

प्रशांत भूषण ने जो वीडियो शेयर किया है, उसमें गरीबी और भूखमरी से बेहाल एक शख्स सड़क पर गिरा हुआ दूध अपने हाथों से मटके में भरता नजर आ रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस दूध को वह शख्स मटके में भर रहा है, वहीं कुत्ते भी उसे चाट रहे हैं। ये वीडियो किसी भी इंसानी दिल को झकझोर देने के लिए काफी है। साथ ही ये वीडियो लॉकडाउन के दौरान सरकार की ओर से गरीबों के लिए किए गए व्यवस्था के दावों पर सवाल भी खड़े करता है।

वीडियो को शेयर करते हुए प्रशांत भूषण ने लिखा, “जैसा कि लॉकडाउन 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है, इस भूखे गरीब की तरह उन लाखों लोगों के बारे में सोचें, जो कुत्तों के साथ सड़क पर फैले दूध को इकट्ठा करने की कोशिश कर रहा है”!

बता दें कि प्रशांत भूषण ने जो वीडियो शेयर किया है वो उत्तर प्रदेश के आगरा का है। वही उत्तर प्रदेश जहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये दावे कर रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान उनकी सरकार तमाम गरीबों को भोजन मुहैया कराने का काम कर रही है। लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद ये अंदाज़ लगाना मुश्किल नहीं की मुख्यमंत्री के दावे पूरी तरह खोखले हैं!

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