पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के खाताधारकों द्वारा किए गए तमाम प्रदर्शनों के बावजूद सरकार ने उनकी सुध नहीं ली, जिसके चलते उनकी हालत बदतर होती नज़र आ रही है। बैंक से पर्याप्त पैसे निकालने में असमर्थ कई खाताधारकों ने खुदकुशी कर ली है तो कई रोते-बिलखते दिखाई दे रहे हैं।

पीएमसी बैंक के एक खाताधारक का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पीएसी बैंक के बाहर ही खाताधारक बेतहाशा रोता-बिलखता दिखाई दे रहा है। वहां मौजूद लोग उसे चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं। उससे ढांढस बंधाते हुए कह रहे हैं कि वह रोए नहीं, उसके पैसे मिल जाएंगे। लेकिन इसके बावजूद उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वह लगातार ज़ोर-ज़ोर से रोता ही जा रहा है। खाताधारक के ये उसकी नाउम्मीदी को साफ़ तौर पर बयां कर रहे हैं।

खाताधारक के रोने के इस वीडियो को पत्रकार रवीश कुमार ने भी फेसबुक पर शेयर किया है। इसे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “PMC बैंक की स्टोरी सब भूल गए होंगे। कितना कोई याद रखे। वैसे इस मामले में गिरफ़्तारियाँ वग़ैरह होती रहती है। मगर पैसा नहीं मिला है। दत्तात्रेय जी का दुख देख लीजिए। एक आदमी का स्वाभिमान कैसे ख़त्म हो जाता है। सब नेता कहते हैं कि उनकी सरकार आम आदमी की सरकार है”।

वहीं कांग्रेस ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया, “अच्छे दिन जारी हैं, ज़िंदगी पर भारी हैं। मोदी जी, गरीबों को कहते हो पैसा बैंक में रखो, —बैंक वालों को कहते हो पैसा मत लौटाओ..! क्यों ग़रीबों को रौंद रहे हो मोदी जी..? ये आँसूओं का सैलाब सब कुछ बहा ले जायेगा। मोदी प्रधान मंत्री वाले पीएम हैं, या प्रताड़ना मशीन वाले पीएम..?”

बता दें कि आरबीआई ने नियमों के उल्‍लंघन और गड़बड़ी को लेकर 6 महीने के लिए पीएमसी बैंक पर पाबंदी लगाई हुई है। इस पाबंदी का खामियाज़ा खाताधारकों को भुगतना पड़ रहा है। वह अपनी ज़रूरत के हिसाब से बैंक से अपने ही पैसे नहीं निकाल पा रहे।

दरअसल, पीएमसी बैंक मैनेजमेंट ने गलत तरीके से रियल्‍टी कंपनी HDIL (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड) को हजारों करोड़ रुपये का लोन दे दिया। आरोप है कि RBI के दिशा-निर्देशों को जानबूझकर नजरअंदाज करते इतनी बड़ी राशि दे दी गई।

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के मुताबिक, PMC बैंक द्वारा दिए गए कुल लोन में से 70 प्रतिशत तक HDIL को दे दिए गए। इसमें खाताधारकों के पैसे भी शामिल थे। ऐसे में HDIL के डिफॉल्‍ट होने पर खाताधारकों के पैसे भी डूब गए। अब बैंक के सैकड़ों जमाकर्ता दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

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