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सोशल मीडिया पर ट्रेंड बदलते वक़्त नहीं लगता। कुछ ट्रेंड अपनी ‘खासियत’ की वजह से वायरल हो जाते हैं तो कुछ को वायरल करवाया जाता है। जिस तरीके से राजनीतिक पार्टियों के आईटी सेल ने सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करके फेक न्यूज़ फैलाने का काम किया है उसने ‘सही समाचार’ पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।

हालाँकि, भले ही सोशल मीडिया के जरिए फेक न्यूज़ फैलाई जा रही हो। इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीर वायरल हो जाती हैं जिसकी पूर्ति हजारों शब्द भी नहीं कर पाते।

12 जनवरी को 2019 लोकसभा चुनाव के देखते हुए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन किया और अपनी-अपनी सीटों का ऐलान किया।

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सपा-बसपा गठबंधन होने के बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है, जिसका संबंध सीधे सपा-बसपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से है।

वायरल तस्वीर एक दूध बेचने वाले ‘दूधिया’ की है। जो अपनी साइकिल से ‘बल्टों’ (बाल्टी) में दूध ले जा रहा है और साइकिल के हैंडल पर समाजवादी पार्टी का झंडा और पीछे कैरियर पर बसपा का झंडा बांधे हुए गठबंधन का प्रतिनिधित्व कर रहा है।

लेकिन, लोग इस तस्वीर को पीएम मोदी की ‘चाय’ से जोड़कर देख रहे हैं। क्योंकि आखिर चाय दूध के बिना कैसे बन सकती है। और दूध को दर्शाती यह तस्वीर सपा-बसपा के साथ नजर आ रही है।

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सपा नेत्री ऋचा सिंह ने इस वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए पीएम मोदी पर तंज कसते हुए ट्वीटर पर लिखा है कि, “चाय वाले की दुकान बंद होने का समय आ गया है। ज़मीन पर निकल पड़े हैं हम लोग, सिंघासन खाली कारो, की जनता अति है।”

इस बात से कोई भी राजनीति का जानकार इनकार नहीं कर सकता कि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा का गठबंधन होने से बीजेपी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। गठबंधन की काट निकलने के लिए बीजेपी अपनी एड़ी-चोटी का दम लगा रही है। गठबंधन बहुत मजबूत है इस बात को केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने भी एक इन्टरव्यू में स्वीकार किया है।

दूसरी बात यह भी है कि सपा-बसपा गठबंधन से भारतीय जनता पार्टी परेशान दिख रही है। क्योंकि गठबंधन के बाद बीजेपी का हर बड़ा नेता अब कांग्रेस के अलावा मायावती-अखिलेश पर हमले करने में जुट गया है।

जबकि मायावती ने 12 जनवरी को हुई सयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि, “ये संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यानी गुरु-चेला की नींद उड़ाने वाली है।