Tanya Yadav

भारत के फ़ोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीक़ी की अफगानिस्तान के हिंसाग्रस्त कंधार में हत्या कर दी गई है। एक पत्रकार अफगानी सुरक्षा बलों और तालिबानियों के बीच हो रही लड़ाई की भेंट चढ़ गया।

पुलित्जर पुरुस्कार विजेता दानिश सिद्दीकी की मौत की ख़बर अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई शुक्रवार को दी।

दानिश समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए रिपोर्टिंग कर रहे थे। इससे पहले 13 जुलाई को भी उनपर हमला हुआ था, बावजूद इसके बाद भी उन्होंने अपना काम नहीं रोका।

फरीद ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर यह खबर देते हुए लिखा, “कल रात कंधार में एक दोस्त दानिश सिद्दीकी की हत्या की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ। भारतीय पत्रकार और पुलित्जर पुरस्कार विजेता अफगान सुरक्षा बलों के साथ थे, जब उन पर आतंकवादियों ने हमला किया था।

मैं उनसे 2 हफ्ते पहले काबुल के लिए रवाना होने से पहले मिला था। उन्होंने फोटो पत्रकारिता। के लिए अपने जुनून और अफगानिस्तान के लिए प्यार के बारे में बात की। उसे याद किया जाएगा। मैं उनके परिवार और रॉयटर्स के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”

दानिश वही पत्रकार हैं जिन्होंने 2020 में जामिया के प्रदर्शनकारियों पर बंदूक चलाने वाले ‘राम भक्त गोपाल’ की तस्वीर खींची थी।

उन्होंने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के समय श्मशानों के हालातों से लेकर रोहिंग्या शरणार्थियों को अपनी तस्वीरों में कैद किया था।

उनकी मौत पर शोक़ जताते हुए सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी।

पत्रकार शालिनी ने उनकी तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “रोहिंग्या शरणार्थियों, दिल्ली नरसंहार और भारत के कोविड संकट पर दानिश सिद्दीकी की तसवीरें हमारे दिमाग में हमेशा अंकित रहेंगी।”

सौम्यदीप्ता ने भी दानिश के काम को शेयर करते हुए कहा, “अत्यंत दु:ख के साथ यह समाचार साझा कर रहा हूं कि अफगानिस्तान के कंधार में रॉयटर्स के फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की हत्या कर दी गई है। पुलित्ज़र विजेता फोटोग्राफर (दानिश) इन जलती हिंदू चिताओं को खींचने के लिए चर्चा में थे।”

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