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lजहां देश कोरोना संकट से जूझ रहा है वहीं महंगाई की मार भी झेल रहा है। देश में लगातार तेल की कीमत में इज़ाफ़ा हो रहा है। खबरों के मुताबिक़, देश में लगातार12वें दिन तेल के दाम बढ़े हैं। 12 दिन पहले पेट्रोल 6.55 रुपए प्रति लीटर तो डीज़ल 7.04 रुपए प्रति लीटर सस्ता था।

तेल कंपनियों द्वारा गुरुवार को तेल के दामों में की गई बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 53 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 77.81 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 64 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 76.43 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस बढ़ोतरी के साथ ही पेट्रोल की कीमत करीब 19 महीने और डीजल की कीमत लगभग 20 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

वहीं दूसरे शहरों पर नज़र डालें तो कोलकाता में गुरुवार को पेट्रोल के दाम 79.08 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 71.38 रुपए प्रति लीटर चल रहे हैं। मुंबई में पेट्रोल 84.15 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है, वहीं डीजल 74.32 प्रति लीटर के भाव से बिक रहा है। चेन्नई में पेट्रोल के दाम बढ़कर 80.86 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं और डीजल के दाम 73.69 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

बता दें कि तेल कंपनियों ने 7 जून से तेल के दाम में दैनिक संशोधन की शुरुआत की है, तब से लगातार के दाम में बढ़ोतरी हो रही है। इससे पहले कोरोनावायरस संक्रमण को काबू करने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते लगातार 82 दिन तक दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

इससे पहले 14 मार्च को सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद सरकार ने फिर पांच मई को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, दो बार की वृद्धि से सरकार को 2 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर राजस्व प्राप्त हुआ था। सरकार की ओर से उत्पाद शुक्ल तब बढ़ाया गया जब कोरोना संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें बेहद कम थीं।

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