‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘ का नारा मोदी सरकार ने समाज में फैली बेटियों के खिलाफ एक ऐसी बीमारी के लिए रचा था। जो सच में बेहद शर्मनाक है। घर में बेटी पैदा होने पर आज भी लोगों को शर्म आती है।

बीते दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने से यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ। राजस्थान के नागौर में कचरे में पड़ी एक नन्हीं बेटी तड़प रही थी।

दुनिया में आने के बाद उस नन्हीं परी को अपनी माँ का प्यार नसीब नहीं हुआ। ना जाने किस डर से उसकी माँ ने अपनी नन्हीं परी को अपने से दूर कर दिया होगा। यह सवाल है कि किसका डर होगा ?

सोशल मीडिया पर इस नन्हीं परी का वीडियो वायरल हुआ। कचरे में पड़ी नन्हीं बच्ची तड़प रही है।

Twitter पर वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर इस नन्हीं गुड़िया के समर्थन में खड़े हो गए। कई यूजर वीडियो अपलोड करने वाले से पता पूछने लगे।

तभी इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए पत्रकार साक्षी जोशी और विनोद कापड़ी ने सोशल मीडिया के मदद से बच्ची को गोद लेने की इच्छा ज़ाहिर की।

साक्षी जोशी और विनोद कापड़ी ने Twitter इंडिया की मदद से बच्ची को खोज लिया। उसकी मदद के लिए अपने कदम आगे बढ़ा दिए।

साक्षी जोशी ने लिखा कि,  क्या मुझे इस बच्ची के बारे में कोई जानकारी दे सकता है? हम यानी मैं और इसे गोद लेना चाहेंगे।

जिसके बाद विनोद कापड़ी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ये चीख़ अब और नहीं सुनी जा सकती। कोई जानकारी हो तो बताइए। हम इस बच्ची को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहेंगे।

इसके बाद सुखादेव देवासी नाम के यूज़र ने सोशल मीडिया पर रिप्लाई दिया। ये वीडियो नागौर के बरनेल गाँव का बताया जा रहा है

इसपर कापड़ी ने लिखा मेरे पत्रकार दोस्त और पूर्व साथी इस बारे में पता लगा रहें है। शुक्रिया जानकारी देने के लिए और नन्ही परी के दुआ करें।

कुछ घंटों के बाद विनोद कापड़ी ने लाखों यूजरों के दिल को सुकून देने वाली ख़बर सुनाते हुए एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने इस नन्हीं परी का एक नया वीडियो शेयर किया।

जिसमें उन्होंने लिखा कि, इसके बाद उन्होंने बच्ची की फोटो शेयर करते हुए लिखा नन्ही परी की ये ताजी तस्वीर है वो अब सुरक्षित है और रिकवर कर रही उनके लिए दुआ करते रहें। डॉक्टरों का शुक्रिया हम गोद लेने की प्रक्रिया देख रहें है। इसके बाद उन्होंने बच्ची की नाजुक हालत के बारे में ज़िक्र करते हुए लिखा नन्ही पीहू की हालत अब भी गंभीर है वजन दो है साँस लेने में भी तकलीफ़ हो रही है। दुआ करते रहें।

इसके बाद उन्होंने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा मुझे नहीं लगता कि 14 जून से बड़ा दिन जीवन में कभी आया है या कभी आएगा- जब सिर्फ ये एहसास भर है कि घर में ये प्यारी बच्ची आने वाली है।

हमें एहसास है कि देश में गोद लेने की प्रकिया जटिल और लंबी है।पर उम्मीद है कि आप लोगों की दुआओं और प्यार हर मुश्किल को पार करेगा और ये बिटिया घर आएगी। विनोद कापड़ी और साक्षी जोशी दोनों पति पत्नी इसे गोद लेने की अपील कर चुके है। इस मामले में कापड़ी और साक्षी जोशी दोनों ने केंद्र और राज्य सरकार से गुहार लगाई है।

पत्रकार साक्षी जोशी और विनोद कापड़ी ने जो कदम बढ़ाया है उसकी जितनी तारीफ की जाए वह कम होगी। बोलता हिंदुस्तान की टीम भी इसकी सराहना करती है।

बेटियों को अभिशाप समझने वाले इस समाज को समझना चाहिए कि बेटियां हैं तो घर है।

ऐसे माता पिता जो नन्ही सी जान को कूड़े में फेककर चले गए उसके बारे में साक्षी जोशी ने लिखा कि, लक्ष्मी घर से बाहर कर दी इससे बड़ी सजा उन्हें क्या मिलेगी। ये बच्ची बड़े होकर जब अपना नाम रोशन करेगी तो इन लोगो को सजा मिलेगी।

आपको बता दें कि, यह ख़बर Twitter पर आ रही जानकारी से जुटाकर लिखी गई है।