पीएम मोदी ने पिछले चुनावों में खुद पहले पिछड़ा बताया फिर उसके बाद इस बार के लोकसभा चुनाव में अतिपिछड़ा वर्ग का बताने लगे। जिसे लेकर उनके विपक्षी दल और उत्तर प्रदेश में टक्कर दे रही बहुजन समाज पार्टी के प्रमुख मायावती ने पीएम मोदी पर इसे लेकर अपने चुनावी भाषणों में लगातार निशाना साधती रही हैं। एक बार फिर मायावती ने पीएम मोदी के पिछड़े होने के दावे पर टिप्पणी की है।

मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा पीएम श्री मोदी ने अब और कुछ नहीं तो गठबंधन पर जातिवादी होने का जो आरोप लगाया है वह हास्यास्पद व अपरिपक्व है। जातिवाद के अभिशाप से पीड़ित लोग जातिवादी कैसे हो सकते हैं? श्री मोदी जन्म से ओबीसी नहीं हैं इसीलिए उन्होंने जातिवाद का दंश नहीं झेला है और ऐसी मिथ्या बातें करते हैं।

उन्होंने आगे लिखा इसके विपरीत, श्री मोदी अपने को जबर्दस्ती पिछड़ा बनाकर जातिवाद का खुलकर राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करते हैं। वे अगर जन्म से पिछड़े होते तो क्या आरएसएस उन्हें कभी भी पीएम बनने देती? वैसे भी श्री कल्याण सिंह जैसों का आरएसएस ने क्या बुरा हाल किया है यह देश क्या नही देख रहा है।

बता दें कि पीएम मोदी ने कन्नौज में कहा था कि मैं पिछड़ी नहीं अति पिछड़ी जाति का हूं। गांव में दो एक लोग ही मेरी जाति के मिलेंगे लेकिन मैं जातिगत राजनीति का पक्षधर नहीं हूं। उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों का है नारा- जात-पात जपना, जनता का माल अपना। पीएम मोदी बोले- जनता ने महामिलावटियों का हाल किया बेहाल।