देश को आज़ाद हुए 72 साल हो गए, साथ ही भारत जल्द ही 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। मगर सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए आज भी इंसान उतर रहे है, कोई मशीन नहीं। इसके नतीजे में सफाई करने वाले गरीब मजदूरों की जान जा रही है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ का है, जहाँ सेप्टिक टैंक की सफाई करते हुए तीन मजदूरों की मौत हो गई।

दरअसल हापुड़ में जींस बनाने की फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर को सेप्टिक टैंक की सफाई करते हुए पांच मजदूर टैंक में गिर गए। जिनमें से तीन मजदूरों की तो मौत हो गई और दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस मामले की जानकारी जब पुलिस को लगी तो काफी मेहनत के बाद मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला गया।

पुलिस के अनुसार शंकर सेप्टिक टैंक की सफाई करने का काम करता और फैक्ट्री में सफाई करने का ठेका भी उसी ने लिया था। इसी हफ्ते बृहस्पतिवार को टैंक की सफाई हुई थी। मगर शुक्रवार को एक बार फिर टैंक की सफाई के लिए तारा शंकर मजदूरों के साथ फैक्ट्री पहुंचे। सफाई करते समय तारा शंकर और उनके साथी जितेंद्र देखने के लिए टैंक के पास बैठकर टैंक में नीचे की ओर झांकने लगे। देखते-देखते दोनों टैंक में गिर गए।

उनको बचाने के लिए जब उनके दूसरे साथी रवि, युसुफ और अन्य मजदूर टैंक पर पहुंचे तो वो तीनों भी दोनों को बचाने के चक्कर में टैंक में गिर गए। ये देख टैंकर सहित चालक फरार हो गया। शोर मचाने पर मौके पर फैक्ट्री के मजदूर एकत्र हो गए।

इस बात की जानकारी जब पुलिस को दी गई तो दमकल को बुलाया गया। दमकल की मदद से काफी मेहनत के बाद पाँचों को बाहर निकाला गया, मगर तब तक तीन की मौत हो चुकी थी। बाकी दो लोगों को आनन फानन में अस्पताल पहुँचाया गया जहां उनकी हालत अब गंभीर बताई जा रही है।

सूचना पर पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए है। जिसमे पुलिस की जानकारी के अनुसार मृतक मजदूरों की पहचान तारा शंकर (40) पुत्र किशन शंकर निवासी ग्राम खंडनगर थाना रामपुर के रहने वाले थे और जितेंद्र जिनकी उम्र (32) की है जबकि एक अन्य की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। घायलों में रवि दूबे निवासी ग्राम सुल्तानपुर थाना रामपुर और युसुफ हैं।

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