मध्यप्रदेश के सिवनी में गौरक्षकों ने तीन लोगों को बेरहमी से पीटा। इसका वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में कुछ युवक एक महिला समेत तीन लोगों को डंडे से पीट रहे हैं व उनसे ज़बरदस्ती ‘जय श्री राम’ बुलवाया जा रहा है। ये तीनों पीड़ित मुसलमान हैं। ये लोग ऑटो में थे।

इन तीन लोगों के पास संदिग्ध मांस मिला था। खबर मिलते ही ये कथित गौरक्षक मौके पर पहुंचे और कानून अपने हाथ ले लिया। वीडियो मे देखा जा सकता है किस तरह एक एक कर मुस्लिम युवकों को पेड़ से बांधकर उनकी डंडे से पिटाई की जा रही है। इसके साथ ही उसी में से एक युवक हाथों उसकी पत्नी को भी पिटवाया।

आस पास खड़े लोग कुछ नहीं कर पाते और चुपचाप तमाशा देखते रहे। कथित गौरक्षा के नाम पर उनसे ‘जय श्री राम’ के नारे बुलवाए गए। हालांकि वीडियो के सामने आते ही प्रशासन होश मे आया। पुलिस ने मारपीट करने वाले पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक घटना 22 मई की है लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद 24 मई को पुलिस को इसका पता चला। पुलिस ने बताया है कि ये वीडियो दो-तीन दिन पुराना है। सिओनी में कुछ शरारती तत्वों के द्वारा कुछ लोगों से मारपीट की गई।इसका वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया।

इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। वैधानिक करवाई की जा रही है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शेष आरोपियों के गिरफ्तारी की कयावद चल रही है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है की मध्य प्रदेश में बीजेपी की नहीं कांग्रेस की सरकार है कानून व्यवस्था की पूरी ज़िम्मेदारी उनकी है।  ऐसे में सवाल तो उठेगा की आखिर उन्हें इतनी ताकत कहाँ से मिल रही है?

क्यों कानून को अपने हाथ में लेने से लोगों को डर नहीं लग रहा है। आखिर ये अधिकार उन्हें किसने दे दिया कि वो खुलेआम लोगो को मारे और जबरदस्ती जय श्री राम के नारे लगवाए। इस घटना पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर लिखा इब्तिदा-ए-इश्क़ है रोता है क्या आगे-आगे देखिये होता है क्या।