SBI

देश में कोरोना काल के दौरान लगातार गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर विपक्ष लगातार हमलावर हो रहा है। इसी बीच एक बड़ी खबर यह सामने आ रही है कि केंद्र सरकार देश के छह बड़े बैंकों की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है।

बताया जाता है कि इन बैंकों की हिस्सेदारी को एक साल से डेढ़ साल के बीच के अंतराल में बेचा जा सकता है हालांकि अब तक यह नहीं तय हो पाया है कि किस बैंक की कितनी हिस्सेदारी को बेचा जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया है की छह बड़े सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी को बेचा जाए। जिनमें स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल है।

इस मामले में पूर्व क्रिकेटर और राजनेता कीर्ति आज़ाद ने ट्विटर पर मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि “मेरी ना मानो आप खुद पढ़ लो, इंदिरा गांधी जी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिससे जनता को सुविधाओं का लाभ मिले ! आज उन्हीं बैंकों को बेचने का मसौदा। पूंजीपतियों के तीन लाख करोड़ कर्ज माफ.. SBI सहित पांच बैंकों की हिस्सेदारी बेच सकती है केंद्र सरकार।”

इस मामले में सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपनी राय रखते हुए कहा है कि बैंक ही नहीं, अभी तो बिकेगा देश का कोना कोना भी अगर बात और आगे बढी तो मोदी अपने मूर्ख अंधभक्तो की किडनी भी बेच डालेगा। भाजपाई कर देंगे प्राईवेट सेक्टर के हवाले देश को जिससे गरीब…. गरीब हो जायेगा और अमीर राजा।

आपको बता दें कि मोदी सरकार पर लगातार निजीकरण करने के आरोप लगते रहे हैं। इस संदर्भ में समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि केंद्र सरकार निजीकरण के क्षेत्र में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए 6 सरकारी बैंक की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है।

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