gurpreet sahota
Gurpreet Sahota

सांप्रदायिक राजनीति के लिए प्रख्यात भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा अब काबुल में गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले को लेकर भारत में नफ़रत फैलाने की कोशिश में जुट गए हैं।

हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से हमदर्दी दिखाने के बजाए उन्होंने आतंकियों के मज़हब के नाम पर उन सिखों को भड़काने की कोशिश की जो शाहीन बाग़ प्रदर्शन में मुसलमानों के साथ खड़े थे। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “काबुल में 11 सिखों की हत्या, गुरुद्वारे पर हमला। दुःखद, दर्दनाक, अमानवीय, अक्षम्य।
शाहीन बाग में लंगर बांटने वाले आज क्या सोच रहे होंगे ?”

कपिल मिश्रा अपने इस ट्वीट के जरिए मुसलमानों और सिखों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन वो अपनी कोशिश में कामयाब नहीं हो सके। कपिल के भड़काऊ ट्वीट का जवाब मुसलमान देते उससे पहले ही सिख समुदाय के लोगों ने उनको ये बताना शुरू कर दिया कि उनकी नफ़रत की दुकान यहां नहीं चलेगी।

पंजाबी अख़बार के संपादक गुरप्रीत सहोता ने कपिल के ट्वीट पर पलटवार करते हुए लिखा, “सिख पीड़ितों के लिए खड़े रहेंगे और जरूरतमंदों के लिए लंगर भी करते रहेंगे। ये मायने नहीं रखता कि हमले के पीछे ISIL या कोई और है, हमारे लिए ये मायने रखता है कि हिंदू और मुसलमान पहले इंसान हैं। हमें मारना आसान है लेकिन कोई भी हमारे गुरुओं द्वारा हमें दिए गए सिद्धांतों को नहीं मार सकता। देग तेग फतेह।”

कपिल मिश्रा को इंसानियत का पाठ पढ़ाने वाले सहोता के इस जवाब ने ट्विटर पर हजारों लोगों का दिल जीत लिया। ख़बर लिखे जाने तक उनके इस ट्वीट को 2914 बार रीट्वीट किया गया था और 10 हज़ार से ज़्यादा यूजर्स ने इसे लाइक किया था। सहोता के ट्वीट पर एक सिख यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा, “वो चाहते हैं कि हम सभी से नफ़रत करें। लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि हम उनसे अलग हैं।”

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