लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार अब थम गया है। अब कोई भी पार्टी या नेता चुनावी रैली कर लोगों से वोटों की अपील नहीं कर सकते। ऐसे में अब प्रचार के नए तरीके इजाद किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताबड़तोड़ चुनावी रैलियों के बाद अब भगवान शिव की शरण में केदारनाथ पहुंच गए हैं। उनके साथ मीडिया का पूरा जत्था भी वहां पहुंचा है, जो केदारनाथ में पीएम मोदी की हर गतिविधि का अपडेट लोगों तक पहुंचा रहा है। इसका मतलब भगवान की शरण में भी पीएम मोदी का ज़ोरदार प्रचार हो रहा है।

पीएम मोदी का केदारनाथ में ज़ोरदार स्वागत भी हुआ। उनका स्वागत इस तरह किया गया जैसे किसी महाराजा का किया जाता है। मंदिर में उनके प्रवेश के लिए लाल कालीन बिछाई गई और वह इस कालीन पर एक राजा के अंदाज़ में चलते नज़र आए।

वैसे आमतौर पर श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन नंगे पैर करते हैं। लेकिन मोदी तो देश के प्रधानमंत्री हैं। उनके लिए सब मुमकिन है। भले ही वो अपनी जाति ‘गरीब’ बताते हों। लेकिन, सही मायने में जो गरीब भक्त होते हैं वो इस तरह से रेड कार्पेट पर चलकर मंदिर में प्रवेश नहीं करते।

इस अंदाज़ में मंदिर में एंट्री को लेकर वामपंथी नेता कन्हैया कुमार ने पीएम मोदी पर ज़ोरदार कटाक्ष किया है। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “मंदिर भी रेड कार्पेट पर चलकर जाते हैं! एक ‘फकीरी’ तो है हमारे गप्पू जी में”।

भगवान शिव के प्रमुख मंदिरों में से एक केदारनाथ धाम में आम दिनों में चहल-पहल देखी जाती है। जहां मंदिर परिसर में कोई ‘रेड कार्पेट’ नहीं बिछाया जाता। लेकिन आज पीएम मोदी के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया। मगर, यहां सवाल ये है कि जब शिव भक्तों के लिए मंदिर परिसर में आम दिनों में ऐसी भव्यता नहीं होती तो अब एक दिन के लिए पीएम मोदी के लिए क्यों?

वहीं पीएम मोदी की इस यात्रा को चुनाव प्रचार के रूप में भी देखा जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मोदी की इस यात्रा में भारी मीडिया कवरेज यह बताती है कि पीएम मोदी टीवी के ज़रिए ‘हिंदुत्व एजेंडा’ फैलाकर अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार करके एक खास तबके के वोटरों को प्रभावित कर रहे हैं।