80 बनाम 20 पर सही थे योगी। जहरीला मौलाना कांग्रेस का दीवाना। जो हिन्दू विरोधी नंबर 1 वो प्रत्याशी नंबर 1। हिन्दुओं के खिलाफ सब मिल गए हैं।

उपरोक्त कथन हैं न्यूज़-18 के शो ‘देश नहीं झुकने देंगे’ के। इस शो को शाम 8 दिखाया जाता है। यानी प्राइम टाईम स्लॉट का शो है। प्राइम टाईम स्लॉट उस टाइम पीरियड को कहते हैं जिसमें लोगों द्वारा सबसे अधिक न्यूज़ कन्ज्यूम किया जाता है। इस शो में कल का मुद्दा था ‘हिन्दुओं के खिलाफ महागठबंधन?’

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शो के एंकर अमन चोपड़ा की ओपनिंग लाइन थी, हिन्दुओं के खिलाफ महागठबंधन उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है। और 80 बनाम 20 की बात जब की थी योगी आदित्यनाथ ने तो वो सही था। क्योंकि 80 के खिलाफ एक बहुत बड़ा महागठबंधन तैयार हो रहा है। जिस-जिस ने हिन्दुओं के नरसंहार की बात, हिन्दुओं को सबक सिखाने की बात की, हिन्दुओं के पलायन की बात की, सब लोगों को पार्टी में शामिल कराया जा रहा है। ताजा नाम तौकीर रजा का है। इन्होंने धमकी दी थी कि हिन्दुओं को हिन्दुस्तान में सिर छिपानी की जगह नहीं मिलेगी अगर मेरे लड़के हाथ से निकल गए तो। गली-गली में खून बहेगा।

तौकीर रजा को लेकर अमन चोपड़ा ने जो बात कही उसमें कितनी सच्चाई है, इसपर आने से पहले ये जान लेते हैं कि फिलहाल तौकीर रजा चर्चा में क्यों हैं। दरअसल, आला हजरत बरेली शरीफ के मौलाना तौकीर रजा खां ने उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी के समर्थन का ऐलान किया है। प्रियंका गांधी ने तौकीर रजा खां के साथ ट्विटर पर एक तस्वीर भी साझा की है।

तौकीर रजा खां ने जब से कांग्रेस के समर्थन का ऐलान किया है, तब से ही भाजपा कांग्रेस पर हमलावर है। भाजपा का कहना है कि तौकीर रजा खां ने हिन्दुओं को धमकी दी थी। तो क्या है सच्चाई?

सच्चाई ये है कि हरिद्वार धर्म संसद (जिसमें मुस्लिमों के नरसंहार का आह्वान किया गया था) के बाद तौकीर रजा खां ने मुस्लिम युवाओं के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा था ”मुझे डर लगता है उस वक्त से जिस दिन ये कानून अपने हाथ में लेने पर मजबूर हो जाएंगे… और जिस दिन इन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया, मुल्क में खानाजंगी होगी, गृहयुद्ध होगा और मैं अपने देश में किसी भी हाल में गृहयुद्ध नहीं होने देना चाहता। आज फैसला हमारे हिन्दू समाज को करना है कि अच्छा कौन है और बुरा कौन है।”

ऊपर जो लिखा है, इसके अलावा भी उन्होंने बहुत कुछ बोला। सब कुछ यहां लिख देने का कोई मतलब नहीं है। बस इतना समझ लीजिए कि तौकीर रजा खां ने अपने धर्म के कट्टरपंथियों और हिन्दू धर्म के कट्टरपंथियों के टकराहट की आशंका व्यक्त की। साथ ही बातों-बातों में अपने धर्म के कट्टरपंथियों को मोटिवेट भी किया, लेकिन अंत में कोई अप्रिय घटना ना हो इसकी आकांक्षा भी व्यक्त की।

उन्होंने देश के बहुसंख्यक हिन्दुओं से नफरत फैलाने वालों का विरोध करने की अपील करते हुए कहा- मैं अपने देश में किसी भी हाल में गृहयुद्ध नहीं होने देना चाहता। आज फैसला हमारे हिन्दू समाज को करना है कि अच्छा कौन है और बुरा कौन है।

अब दिक्कत ये है कि अमन चोपड़ा के शो में तौकीर रजा की शांति की अपील वाली बात को नहीं दिखाया गया। भाषण के सिर्फ उस हिस्से को ही दिखाया गया जिसमें वो टकराहट की बात कर रहे हैं।

किसी एक मुस्लिम के एक बयान के आधार पर अमन चोपड़ा देश के दो सबसे बड़े धार्मिक समुहों के एक दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं। क्या ये दंगा फैलाना नहीं है?

अब ये बात जग जाहिर कि ज्यादातर न्यूज चैनल वही करते हैं जो भाजपा की राजनीति को सूट करता है। खबरों की भाषा से लेकर शो के मुद्दे तक सब कुछ भाजपा को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। अभी जो हो रहा है वो सब उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

लेकिन क्या मीडिया अपनी नैतिकता इतनी खो देगा कि भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए दंगा करवा दे?

वैसे टीवी मीडिया से लेकर अखबार तक भाजपा के सामने इस कदर बिछ चुके हैं कि अब मीडिया के आलोचकों को इससे फर्क पड़ना भी बंद हो गया है। मीडिया द्वारा लोकतंत्र को बर्बाद किया जा रहा है। एक दिन ये काम पूरा हो जाएगा। ये बात सब स्वीकार चुके हैं।

फिलहाल अमन चोपड़ा के इस हालिया शो को लेकर सोशल मीडिया पर नेताओं, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों का एक समूह विरोध कर रहा है। हालांकि इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। क्योंकि जिस एक शो के एक मुद्दे को लेकर विरोध हो रहा है। वैसे दसियों शो… दसियों न्यूज़ चैनल पर हर रोज दिखाए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए अमन चोपड़ा के शो की ही कुछ तस्वीरों को देख लीजिए-

एक-दो अपवादों को छोड़ दें तो लगभग सभी मेनस्ट्रीम टीवी चैनल और अखबार हर रोज नफरत फैला रहे हैं। ऐसे में किसी एक शो के एक मुद्दें का विरोध करना पहाड़ पर पत्थर मारने जैसा है। लोकतंत्र न्यूज़ चैनलों के सामने घुटने टेक चुका है।

फिर भी एक संस्थान के तौर पर हमारा काम है विरोध के स्वरों को जगह देना तो हम बता दे रहे हैं कि किसने क्या कहा-

राष्ट्रीय जनता दल ने लिखा है, क्या मुकेश अंबानी और उनके चैनल को यह भी जानकारी नहीं है कि पिछड़े वर्ग के अखिलेश यादव, ओमप्रकाश राजभर, जयंत सिंह, संजय चौहान, केशव प्रसाद मौर्य, स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी, दारा सिंह चौहान, नरेश उत्तम पटेल, गुर्जर, ब्राह्मण, दलित, राजपूत इत्यादी हिन्दू है? यह चैनल क्यों देश को तोड़ना चाहता है?

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने लिखा है, मुकेश अंबानी जी, देखिए आपकी कंपनी के लोग क्या कर रहे हैं। या आपकी ही शह पर ये हो रहा है? सरकारें आती जाती रहती हैं। राजनीति में कोई अमृत पीकर नहीं आया है। ये बात समझिए कि देश और पैसा बड़ी चीज़ है। इस क़दर छोर पर खड़ा होना बिज़नेस के लिए भी ठीक नहीं है।

यहां बार-बार अम्बानी का जिक्र इसलिए आ रहा है क्योंकि नेटवर्क 18 ग्रुप मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी है। यानी मुकेश अंबानी ही मालिक हैं।

अंकित राज

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