दोनों सदनों से नागरिकता संशोधन विधेयक के पास होने के बाद इसके विरोध में इस्तीफों और अवॉर्ड वापसी का सिलसिला शुरु हो गया है। बिल के विरोध में आईपीएस अब्दुर्रहमान के इस्तीफे के बाद अब पत्रकार शिरीन दलवी ने अपना साहित्य अकादमी अवॉर्ड वापस करने का ऐलान किया है।

शिरीन ने इस बात का ऐलान एक पोस्ट के ज़रिए किया है। जिसे द वायर उर्दू के पत्रकार महताब ने ट्विटर के ज़रिए शेयर किया है। शिरीन ने पोस्ट में बिल का विरोध करते हुए इसे संविधान के खिलाफ़ देश को बांटने वाला बताया है। शिरीन दलवी उर्दू पत्रकारिता का एक बड़ा नाम हैं। वह अवधनामा उर्दू अख़बार के मुम्बई संस्करण की संपादिका रह चुकी हैं। उन्हें 2011 में राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

शिरीन ने अपने पोस्ट में लिखा, “मुझे बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार के नागरिकता संशोधन बिल के पास कराए जाने की खबर से दुख हुआ है। नागरिकता बिल के ज़रिए हमारे संविधान और धर्मनिरपेक्षता पर हमला किया गया है और इस अमानवीय कानून के विरोध में मैं अपना राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस कर रही हूं।”

इससे पहले नागरिकता बिल का विरोध करते हुए महाराष्ट्र में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी अब्दुर्रहमान ने अपने पद इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नागरिकता संशोधन विधेयक को संविधान के मूल ढांचे के ख़िलाफ़ और मुसलमानों के साथ नाइंसाफी करने वाला बताया। उन्होंने देश के तमाम इंसाफ़पसंद लोगों से अपील की कि इस बिल के विरोध में अपनी आवाज़ बुलंद करें।

CAB के विरोध में IPS अब्दुर्रहमान ने दिया इस्तीफ़ा, कहा- ये संविधान और मुसलमानों के खिलाफ़ है

ग़ौरतलब है कि राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद इस बिल को पारित कर दिया। सदन ने बिल को प्रवर समिति में भेजे जाने के विपक्ष के प्रस्ताव और संशोधनों को खारिज कर दिया। विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया। इससे पहले सोमवार को लोकसभा में ये बिल 311-80 के बहुमत से पास हो गया था।

बिल भले ही दोनों सदनों से पास हो गया हो लेकिन इसका विरोध व्यापक तौर पर देखने को मिल रहा है। पूर्वोत्तर राज्यों में तो इस बिल को लेकर बवाल की स्थिति बनी हुई है। इन राज्यों में बिल के खिलाफ़ इस स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं कि इसे रोकने के लिए आर्मी को तैनात किया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here