डुमरियागंज से विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने एक बार फिर वावादित बयान दिया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में राघवेंद्र प्रताप सिंह धमकी के लहजे में कह रहे हैं ”… इस बार मैं बता दूंगा कि राघवेंद्र सिंह कौन है। क्योंकि मेरे साथ गद्दारी करोगे तो चलेगा। मैं अपमान सह लूंगा। मुझे अपमानित करोगे तो मैं सह लूंगा। लेकिन अगर हमारे हिन्दू समाज को अपमानित करने का प्रयास करोगे तो बर्बाद कर के रख दूंगा”

भाषण के दौरान समर्थकों द्वारा बीच-बीच में जय श्रीराम का नारा भी लगाया जा रहा है, जिसे वीडियो में देखा और सुना जा सकता है। राघवेंद्र प्रताप सिंह के भाषण का जो अंश सोशल मीडिया पर वायरल है, उससे ये साफ नहीं हो रहा कि वो किसे बर्बाद करने की धमकी दे हैं। लेकिन वीडियो के एक दूसरे हिस्से से इस बात की पुष्टि हो जाती है कि राघवेंद्र प्रताप सिंह की धमकी मुसलमानों के लिए है।

दूसरे वीडियो में भाजपा विधायक कह रहे हैं कि, ”बताओ कौनो मिया हमको वोट देयी। तुम ये जान लो कि इस गांव का जौन हिन्दू दूसरे तरफ जात बा। तो जान लो ओकरे अंदर मिया के खून दौड़त बा। वो गद्दार है। वो जयचंद की नाजायज औलाद है। वो अपने बाप की हरामखोर औलाद है। इतना आत्याचार होने के बाद भी हिन्दू अगर दूसरे तरफ जाता है तो उसे सड़क पर मुंह दिखाने लायक नहीं रखना चाहिए।”

पत्रकार दीपक शर्मा ने भाजपा विधायक पर कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा है, ”जो भाषा संसद-संविधान की नहीं है वो भाषा चुनाव आयोग कैसे स्वीकार कर सकता है ? योगी के दाहिने हाथ और भाजपा उम्मीदवार राघवेंद्र सिंह जो साम्प्रदायिक जहर मंच से घोल रहे हैं वो 2013 के दंगो की भाषा से भी खतरनाक है। चुनाव आयोग इस वीडियो की तुरंत फोरेंसिक जांच कराये और कारवाई करे”

दीपक शर्मा के ट्विट पर संज्ञान लेते हुए सिद्धार्थ नगर पुलिस जवाब दिया है। चुनाव आयोग को टैग करते हुए सिद्धार्थ नगर पुलिस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से लिखा गया है, ”संदर्भित प्रकरण का संज्ञान लिया गया है। प्रभारी निरीक्षक डुमरियागंज को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजिकृत करने हेतु निर्देशित किया गया”

बता दें कि ये पहला मामला नहीं है जब उन्होंने मुसलमानों को धमकी दी हो। इससे पहले भी राघवेंद्र प्रताप सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो खुलेआम धर्म के नाम पर वोट मांगते और नफरत फैलाते आए थे। भाजपा विधायक ने कहा था कि यदि आप मुझे फिर से विधायक चुनते है तो मुसलमान टोपी पहनना बंद कर देंगे। अपने माथे पर तिलक लगाना शुरू करें देंगे और आप लोगों से सीताराम का अभिवादन करेंगे।

उन्होंने दावा किया था कि जब से मुसलमानों को सत्ता से खदेड़ा गया है तब से शहर सुरक्षित हो गया। राघवेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार ”अब कोई गुंडे, कुख्यात अपराधी सड़कों पर दिखाई नहीं दे रहे हैं”

अपने नफरती भाषण में भाजपा विधायक ने आगे कहा था, ”जब से भाजपा सत्ता में आयी हैं, तब से उन्होंने कई स्थानों के नाम बदलने पर गर्व किया हैं। अल्लाहपुर का नाम बदलकर महेश योगी नगर कर दिया गया है, हसीनाबाद अब नन्दी चौक हो गया और इसी तरह कई और स्थानों के नाम भी बदल दिए गए हैं।”

अपने एक अन्य वीडियो में मुसलमानों को गाली और धमकी देते हुए राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा था, ”अरे हरामखोरे सुनो आज यहां भाषण दे रहा हूँ, कल तुम्हारा माइक चेक करवाऊँगा अगर परिमशन नहीं होगा तो तुम्हारे मस्जिद से माइक उतरवा दूँगा।”

लोगों से ”भगवा सरकार” बनाने की अपील करते हुए भाजपा विधायक ने कहा था, ”पहले जब इफ्तारी होता था तो डुमरियागनंज की सड़क बंद कर दी जाती थी, गोल टोपी दिखाई देती थी। अब यह सब बंद है।”

गौरतलब है कि राघवेंद्र प्रताप सिंह डुमरियागंज से सीटिंग विधायक हैं और एक बार फिर भाजपा के टिकट पर यहीं से चुनाव लड़ रहे हैं। डुमरियागंज में 3 मार्च को छठे चरण में मतदान होना है। सपा ने यहां से सैय्यदा खातून, कांग्रेस ने कांती पांडेय, बसपा ने अशोक कुमार तिवारी को मैदान में उतारा है।

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