पूरा देश जब कोरोना की दूसरी लहर से त्रस्त है, वैसे में सारी मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा पीएम मोदी की चापलूसी में लगे हुए हैं।

आज दिल्ली के सभी बड़े अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर सीएम येदुरप्पा की ओर से पीएम मोदी को बधाई दी गई है। इसमें बेगलुरु मेट्रो विस्तार के लिए पीएम मोदी का आभार प्रकट किया गया है।

पत्रकार रोहिणी सिंह ने इस विज्ञापन पर एक ट्वीट करते हुए लिखा है कि “इस भयंकर महामारी के बीच इस चापलूसी का मतलब आखिर क्या है? इस माहौल में इस भारी भरकम खर्चे वाले विज्ञानन को दिल्ली में छपवाने का मकसद क्या है ? “

इस महामारी में जब सरकार को अपने संसाधन राज्य में कोरोना से लड़ने में खर्च करना चाहिए था तब कर्नाटक की भाजपा सरकार पीएम मोदी की चापलूसी में करोड़ो रुपये फूंक रही है।

वह भी तब जब कोरोना की दूसरी लहर में कर्नाटक की हालत भी बद से बदतर है। यहां पर पिछले 24 घंटों में कोरोना के 23558 मामले सामने आए हैं और 116 लोगों की मौत हो चुकी है।

सरकारी इंतजाम यहां भी दूसरे राज्यों की तरह फेल हैं. कर्नाटक में वर्तमान समय में कोरोना के 1,76,188 मामले हैं।

कोरोना के सक्रिय मामलों में कर्नाटक का स्थान तीसरा है. कोरोना वायरस की वजह से हो रही मौतों के मामले में कर्नाटक दूसरे स्थान पर है।

राजधानी बेंगलुरु कोरोना का केंद्र बना हुआ है, ये खुद कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया है और ऐसे हालात में भी मोदी की चाटुकारिता में करोड़ों रुपये विज्ञापन में फूंकने का औचित्य समझ से परे है!

कोरोना काल में कर्नाटक में सरकारी बदइंतजामी का हाल यह है कि मरीजों के इलाज में इस्तेमाल हो रहे ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेेक्शन की भारी कमी तो है ही, बड़े पैमाने पर कालाबाजारी भी हो रही है।

ऐसे में कर्नाटक की सरकार को सर्वप्रथम इन करोड़ो रुपयों से ऑक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति को सुनिश्चित कर अपने नागरिकों की जान बचाने के लिए काम करना चाहिए था लेकिन सीएम येदुरप्पा ने लोगों की जिंदगी से ज्यादा पीएम मोदी की चापलूसी को जरुरी समझा।

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