ज़ी न्यूज़ से निकलकर पत्रकार सुधीर चौधरी ने हाल ही में आजतक न्यूज़ चैनल को ज्वाइन किया है। नए चैनल के साथ सलाहकार संपादक के रूप में अपना कैरियर आगे बढ़ाते हुए सुधीर ने 11 जुलाई को ट्वीट करके सभी को इस बात की जानकारी दी।

सुधीर ने ट्वीट किया ” मुझे फॉलो करने के लिए आपका नया गंतव्य। जल्द ही मिलते हैं आजतक पर।”

हालांकि, एक तरफ जहाँ सुधीर समर्थक दर्शक खबर को सुनकर खुशी जता रहें हैं। वहीं दूसरी तरफ कई लोग इस शख्स की पत्रकारिता पर सवाल उठा रहे हैं, साथ ही आज तक की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं।

100 करोड़ की वसूली के लिए कुख्यात सुधीर चौधरी की पोल खोलते हुए न्यूज़ 24 के पूर्व मैनिजिंग एडिटर अजित अंजुम ने ट्विटर पर लिखा-

‘वसूली चौधरी’ के स्टिंग का टेप आजतक के ऑफिस में ही टीवी संपादकों की मीटिंग में देखा गया था. राहुल कंवल समेत तीन संपादकों की कमेटी ने तय पाया कि ये सीधे सीधे ब्लैकमेलिंग का मामला है. हर हाल में वसूली चौधरी को संपादकों की संस्था से निकाला जाना चाहिए. उसी आजतक में पालकी से उतरे हैं।

आपको बता दें कि सुधीर चौधरी के ऊपर तत्कालीन कांग्रेस सांसद और जेएसपीएल के प्रमुख नवीन जिंदल द्वारा कोयला घोटाले के संबंध में उनसे 100 करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगाया गया था।

ये घटना साल 2012 की है जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ज़ी न्यूज़ के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन का टेप दिखाया गया था।

अजीत अंजुम ने आगे ट्वीट करते हुए बताया कि कैसे तीन संपादकों की टीम बनाकर ये फैसला लिया गया था कि बीईए से सुधीर चौधरी को निकाला जाना चाहिए।

अंजुम ने अपने ट्विटर थ्रेड में आगे लिखा “वसूली चौधरी का पक्ष जानने के लिए NEWS 24 में हुई पहली बैठक में अर्नब भी आए थे.अर्नब समेत सबकी साफ राय थी कि ये साफ तौर पर ब्लैकमेलिंग का मामला है .आखिरी और चौथी बैठक भी NEWS 24 में ही हुई थी. आजतक के संपादकों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से ये फैसला हुआ कि इसे BEA से बाहर किया जाए। ”

पत्रकार अजीत अंजुम ही नहीं बल्कि सुधीर चौधरी के आजतक ज्वाइन करने की खबर सुनकर भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने भी प्रतिक्रिया दी है।

आज तक समाचार चैनल पर ही सुधीर चौधरी के स्टिंग को लेकर चलाई गई खबर का वीडियो शेयर करते हुए, तंज कसते हुए श्रीनिवास ने उन्हें बधाई दी।

वीडियो को शेयर कर कांग्रेस नेता ने लिखा, ‘ बधाई सुधीर चौधरी जी। आपकी विशेषज्ञता चैनल के बिजनेस को बढ़ाने में और मदद करेगी।’ उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में कमेंट किया कि मीडिया के जिहादियों को ज्वाइन कर लिया?”

जानकारी के मुताबिक, इस मामले में नवीन जिंदल ने 6 साल बाद जी समूह के प्रमुख सुभाष चंद्रा से सुलह कर ली थी और अबतक सुधीर चौधरी के ऊपर इस मामले में कोई ज़रूरी कदम नहीं उठाए गए।

इस घटना से पहले भी सुधीर ने पत्रकार बनने के अपने शुरुआती दौर में साल 2007 में एक स्कूल टीचर उमा खुराना के खिलाफ फर्जी स्टिंग ऑपरेशन चलाया था। जिससे उस निर्दोष शिक्षिका को भीड़ की हिंसा का शिकार होना पड़ा था।

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