गांधी जयंती पर ट्रेंड हुआ ‘गोडसे जिंदाबाद’, भड़के वरुण गांधी महात्मा गांधी की 152वीं जयंती पर जहां पूरा देश बापू को नमन कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग जयंती के मौके पर सोशल मीडिया पर ‘गोडसे जिंदाबाद’ ट्रेंड करवा कर नफरत फैला रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता वरुण गांधी ने ट्विटर पर ‘ नाथूराम गोडसे जिंदाबाद’ ट्रेंड होने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि “भारत हमेशा एक आध्यात्मिक महाशक्ति रहा है, लेकिन यह महात्मा हैं, जिन्होंने हमारे देश के आध्यात्मिक आधार को अपने अस्तित्व के माध्यम से व्यक्त किया और हमें एक नैतिक अधिकार दिया जो आज भी हमारी सबसे बड़ी ताकत है। ‘गोडसे जिंदाबाद’ ट्वीट करने वाले देश को गैर-जिम्मेदाराना शर्मसार कर रहे हैं”।

https://twitter.com/varungandhi80/status/1444167750394408966?s=20

वरुण गांधी के अलावा भी कई अन्य राजनेताओं, लेखकों और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने गोडसे समर्थन में ट्विटर पर ट्रेंड की जमकर निंदा की है। साथ ही कई लोगों ने कड़े शब्दों में इसपर चिंता भी जाहिर की है। वहीं झारखंड से विधायक सीता सोरेन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “महात्मा गांधी सदैव देश की कणों में रहेंगे. गांधी एक विचार है, जीवन दर्शन हैं, राष्ट्र की पहचान हैं, गर्व हैं। गांधी के शरीर को भले गोडसे ने मार दिया लेकिन गांधीवाद को गोडसेवाद न तब मार पाया था न आज मार पाएगा। गोडसे की तरह ही #नाथूराम_गोडसे_जिंदाबाद करने वाले कायर है”।

https://twitter.com/SitaSorenMLA/status/1444239738152493058?s=20

इस पर पत्रकार रोहिणी सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया है कि “गांधी गोली खाकर भी विश्व के इतिहास में अमर हो गए और गोडसे गोली चला कर भी बौने की भांति गायब हो गया”। https://twitter.com/rohini_sgh/status/1444195741035945986?s=20

गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में नाथूराम गोडसे को लेकर सोशल मीडिया समर्थन बढ़ रहा है। दो तीन साल से ऐसा देखा जा रहा है कि महात्मा गांधी की जयंती पर लाखों ट्वीट गोडसे को लेकर होते हैं। जिनमें गोडसे को महात्मा गांधी की हत्या के लिए सराहा जाता है और खुलकर उसकी तारीफ की जाती है। गोडसे की इस तरह की तारीफ देश को शर्मसार करने की बात है। बता दें कि महात्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में दो अक्टूबर 1869 में हुआ था। उनके जन्मदिन को गांधी जयंती के साथ ही अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजाद कराने की लड़ाई का उन्होंने नेतृत्व किया था। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। गांधी जी ने हमें अहिंसक विरोध सिखाया हुआ सबक आज भी पूरी दुनिया में सम्मान के साथ याद किया जाता है।

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