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उत्तर प्रदेश में राम राज्य लाने की बात करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातें धरी की धरी रह गई हैं। मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। उनके पीछे उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है।

बीएचयू में छात्र की हत्या के बाद अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीती रात एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। विश्वविद्यालय के पीसीबी हॉस्टल में रहने वाले छात्र रोहित शुक्ला को गोली मार दी गई। सर में गोली लगने की वजह से छात्र की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके छानबीन शुरू तो कर दी है। मगर जिस तरह से यूपी के विश्वविद्यालयों में छात्रों की गोली मारकर हत्या कर दी जा रही है, उससे योगी सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। हैरत की बात ये है कि चुनावी मौसम में भी इसपर मीडिया चुप है।

बता दें कि इससे पहले 2 अप्रैल को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बीएचयू यूनिवर्सिटी परिसर में सरेआम गोली मारकर एमसीए के छात्र गौरव सिंह की हत्या कर दी गई थी। गौरव इस वक्त बिड़ला हॉस्टल के सामने खड़े होकर अपने साथियों से बातचीत कर रहा था। तभी अपराधियों ने उसे गोली मार दी।

13 दिन के अंदर प्रदेश के दो सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में दो छात्रों की गोली मरने की घटना योगी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्या अपराधियों को अब कानून का डर नहीं रहा? सीएम योगी का भी नहीं जो यह कहते हैं कि अपराधियों को यूपी छोड़कर जाना पड़ेगा? योगी को भी इसकी चिंता नहीं है? जो अपनी पार्टी भाजपा के लिए दिन रात पूरे देश में घूमकर प्रचार करने में इस तरह मशगूल हो गए हैं कि उनको छात्र हितों की खबर ही नहीं है।

दो छात्रों की हत्या पर कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाते हुए कहा है कि, “उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का कबाड़ कर मुख्यमंत्री प्रचार में व्यस्त हैं। अली-बजरंगबली का शोर खड़ा करके योगी उसके पीछे छुपना चाहते हैं।”