• 8K
    Shares

3 साल पहले के जेएनयू मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार, उमर ख़ालिद समेत 10 लोगों के ख़िलाफ़ पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाख़िल है। इनमें ज़्यादातर लोग कश्मीर के हैं।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस को चार्जशीट दाख़िल करने में 3 साल का लम्बा वक़्त क्यों लग गया?

पुलिस ने जार्चशीट का आधार CFSL लैब की जाँच रिपोर्ट को बताया गया है। पुलिस के मुताबिक़ लैब की जाँच में नारेबाज़ी से जुड़े कुछ वीडियो को सही पाया गया है।

यह चार्जशीट लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दाखिल की गई है, जिसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता घनश्याम तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा,

जिस कानून का इस्तेमाल अंग्रेज़ ‘स्वतंत्रता सेनानियों’ के ख़िलाफ़ करते थे उसका इस्तेमाल मोदी ‘कन्हैया’ के ख़िलाफ कर रहे हैः राजदीप सरदेसाई

मोदी जी और BJP की नजर में हार्दिक पटेल, कन्हैया, शेहला राशिद, जिग्नेश मेवानी और समूचा JNU देशद्रोही है! लेकिन मेहुल चोकसी और नीरव मोदी देशभक्त हैं, भाई हैं! गोडसे देशप्रेमी!

12 सौ पेज की चार्जशीट में कुल 10 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिनमें जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, सैयद उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य का नाम शामिल है।

चार्जशीट में कश्मीर के रहने वाले सात छात्रों आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईस रसूल, बशरत अली, खालिद बशीर भट के नाम भी हैं।

चुनाव से पहले मोदी को ख़ुश करने के लिए दिल्ली पुलिस उनके विरोधी ‘कन्हैया कुमार’ को फंसा रही हैः संजय सिंह

वहीं, इस चार्जशीट में 36 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें शेहला राशिद का नाम भी शामिल है। हालांकि इन 36 लोगों के खिलाफ़ पुलिस को कोई पुख़्ता सबूत नहीं मिले हैं। चार्जशीट में मामले के गवाहों के बयान सीआरपीसी की ऐसी धारा के तहत दर्ज किए गए हैं कि बयान से पलटने पर उन्हें सज़ा मिल सकती है।

गवाहों के हवाले से चार्जशीट में बताया गया है कि कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे। पुलिस को कन्हैया का भाषण देते हुए एक वीडियो भी मिला है। इसके साथ ही कहा गया है कि कन्हैया को पूरे कार्यक्रम की पहले से जानकारी थी।