Samar Raj

भाजपा शासित हरियाणा के करनाल में बीते कुछ दिनों से सरकार और किसानों के बीच संघर्ष कर रहा है। दरअसल किसानों की मांगों को प्रशासन द्वारा मानने से इनकार किए जाने के बाद भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में हजारों किसान सचिवालय पर धरना दे रहे हैं। हरियाणा के करनाल में किसान प्रदर्शनकारियों पर किए गए लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई और मरने वाले प्रदर्शनकारियों के परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। जिसके चलते हरियाणा के कई इलाकों में मोबाइल, इंटरनेट की सेवाएं बंद कर दी गई है। दूसरी तरफ आने वाले चुनावों से पहले सरकार ने किसानों को रिझाने के लिए नई रणनीति बनाई है।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में मार्केटिंग सीजन 2022-23 के लिए रबी की फसलों पर एमएसपी बनाने का फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान संगठनों की हुई महापंचायत में किसानों की ताकत का नजारा देखकर सरकार ने यह फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि रबी की फसलों के लिए एमएसपी बढ़ाए जाने के बाद किसानों को अब गेहूं और सरसों की फसल की लागत पर दुगना रिटर्न मिल पाएगा। जिससे कि किसानों की आय में इजाफा होगा।

इस मामले में रिटायर्ड आईएएस अफसर सूर्य प्रताप सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि अन्नदाता को रिझाने हेतु #रबी की #MSP का झुनझुना। रबी की मुख्य फ़सल, गेहूं का MSP मात्र 2% (रु.40/क्विंटल)-1975 से 2015 रु. बढ़ाया। जब कि खाद,बीज,डीजल के दाम में बढ़ोतरी 25-40% हुई। 2021 में थोक महंगाई दर 10.49% पहुंच गई।

#करनाल में संघर्ष जारी है।#किसान_विरोधी_भाजपा आपको बता दें कि करनाल के सचिवालय के बाहर चल रहे किसानों के प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत समेत कई किसान नेता शामिल हुए हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर हरियाणा पुलिस द्वारा पानी की बौछारें भी की गई है। लेकिन किसान अपनी जगह पर डटे हुए है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

12 + 16 =