भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा देने वाली BJP के पूर्व सांसद भूपेंद्र सिंह सोलंकी का नाम करोड़ों के फर्जीवाड़ा में सामने आया है। गोधरा पुलिस ने भूपेंद्र सोलंकी के साथ उनके 8 सहयोगियों के ख़िलाफ़ इस मामले में केस दर्ज किया है।

भूपेंद्र सोलंकी पर आरोप है कि उन्होंने पंचमहल डेयरी के चेयरमैन रहते हुए साल 2008 से 2010 के बीच फर्जी बिल और टैली शीट्स के ज़रिए 2 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया। डेयरी के डिप्टी मैनेजर चिराग पटेल का आरोप है कि इस फर्जीवाड़े को भूपेंद्र सोलंकी ने अपने 8 साथियों के साथ मिलकर किया। उन्होंने इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज करा दी हैं।

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ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, अप्रैल 2008 और मार्च 2009 के बीच 1.49 करोड़ और अप्रैल 2009 और मार्च 2010 के बीच 91.52 लाख रुपए की चोरी हुई। पूर्व सांसद सोलंकी साल 1994 से 2009 तक डेयरी से जुड़े थे। बता दें कि भूपेंद्र सोलंकी 14वीं लोकसभा में BJP के टिकट पर गोधरा से चुनाव जीते थे।

सोलंकी के साथ जिन 8 लोगों पर फर्जीवाड़े का आरोप है उनमें पंचमहल डेयरी के पूर्व प्रबंध निदेशक आरएस पटेल, पूर्व मार्केटिंग डिविजन के एमडी मनहरलाल दवे, मार्केटिंग डिविजन के ही डिप्टी मैनेजर राजेंद्र कुमार मेहता और सीनियर असिस्टेंट केसरसिंह जावेद भी शामिल हैं। इनके अलावा मार्केटिंग डिविजन के ही चार दूसरे लोग भी आरोपियों में शामिल हैं।

बता दें कि पंचमहल डेयरी किसानों से कच्चे दूध की खरीद कर उसे प्रोसेस करने के बाद बाजार में बेचने का काम करती है। फर्जीवाड़े के इस मामले में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है पर ही भेजे गए कन्साइमेंट की फाइनल डाटा शीट तैयार करने की जिम्मेदारी थी। फाइनल डाटा शीट को खरीदारों को भेजा जाता था और उनसे पैसे लिए जाते थे।

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