Narendra Modi
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आर्थिक मोर्चे पर नाकाम मोदी सरकार के नेतृत्व में देश को एक और झटका लगा है। मूडीज के बाद अब फिच रेटिंग्स ने भी भारत के ग्रोथ आउटलुक को नेगेटिव कर दिया है। फ़िच ने इससे पहले भारत के लिए स्टेबल आउटलुक का अनुमान लगाया था, जिसे रिवाइज करते हुए एजेंसी ने नेगेटिव कर दिया।

एजेंसी ने भारत के ग्रोथ आउटलुक को नेगेटिव कोरोना महामारी के चलते किया है। फिच का मानना है कि कोरोना महामहारी का भारत की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। इससे कर्ज का बोझ बढ़ा है। जिसके चलते मौजूदा साल के लिए ग्रोथ आउटलुक कमजोर हुआ है।

इसके साथ ही एजेंसी ने वर्ष 2021 में इकोनॉमिक एक्टिविटी में भी भारी गिरावट का अनुमान लगाया है। फिच के मुताबिक़, देश में कड़े लॉकडाउन के चलते वित्त वर्ष 2021 में इकोनॉमिक एक्टिविटी में 5 फीसदी की गिरावट आ सकती है। हालांकि एजेंसी ने 2022 में इसमें सुधार की बात भी कही है।

फिच का मानना है कि 2022 में ग्रोथ बाउंसबैक करेगी और ये 9.5 फीसदी के हिसाब से ग्रोथ कर सकती है। एजेंसी का कहना है कि लो बेस का इसे फायदा मिलेगा। फिच ने इस दौरान रेटिंग्स को रिवाइज करने का कारण भी बताया। फिच ने कहा कि भारत में कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़े हैं, जिससे रिस्क भी बढ़ा है, इसी के मद्देनजर रेटिंग्स की रिवाइज किया गया है।

बता दें कि इससे पहले मूडीज ने भी भारत के ग्रोथ आउटलुक को नेगेटिव कर दिया था। मूडीज ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को ‘Baa2’ से घटाकर ‘Baa3’ कर दिया। एजेंसी ने भारत की लोकल करेंसी सीनियर अनसिक्योर्ड रेटिंग को भी Baa2 से घटाकर Baa3 कर दिया। इसके अलावा भारत की शॉर्ट टर्म लोकल करेंसी रेटिंग को P-2 से घटाकर P-3 कर दिया गया।

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