केंद्र सरकार के खिलाफ कृषि कानूनों को लेकर किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी है।

हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। अब मोदी सरकार के साथ-साथ गोदी मीडिया भी किसानों के निशाने पर आ चुका है।

किसानों के आंदोलन की कवरेज करने पहुंचे आज तक के रिपोर्टर और कैमरामैन को घेरकर गुस्सा जाहिर किया गया है।

सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि आंदोलन कर रहे किसान आज तक न्यूज़ चैनल का विरोध कर रहे हैं। इसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गोदी मीडिया के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

इसमें प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि झूठी और फर्जी खबरें दिखाने के लिए गोदी मीडिया को शर्म करनी चाहिए। बढ़ते विरोध को देखते हुए रिपोर्टर और कैमरामैन को वहां से जाना पड़ा।

इस वीडियो को शेयर करते पत्रकार हृदयेश जोशी ने गोदी मीडिया पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा- “झूठ अक्सर स्टूडियो से फैलाया जाता है ( जिससे एंकर/एंकरायें नाम कमाते हैं) और मरने के लिये भीड़ में टीवी रिपोर्टरों और कैमरापर्सन छोड़ दिया जाता है,

जिनमें से बहुत सारे बेहद काबिल हैं। फिर भी उनकी कहीं गिनती नहीं होती। जंग में क़त्ल सिपाही होंगे। सुर्ख़-रू ज़िल्ल-ए-इलाही होंगे।”

गौरतलब है कि जब से मोदी सरकार ने कृषि कानूनों में संशोधन किया है तब से ही किसानों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था।

लेकिन शांतिपूर्वक ढंग से विरोध कर रहे किसानों की बात को गोदी मीडिया के किसी भी चैनल द्वारा सरकार तक पहुंचाने की कोशिश नहीं की गई।

उस दौरान ज्यादातर न्यूज़ चैनल सुशांत के मुद्दे को भुनाने और टीआरपी बटोरने में लगे हुए थे। अब जब किसानों के विरोध प्रदर्शन उग्र हो गए हैं तो किसानों की छवि खराब करने की कोशिश में गोदी मीडिया आगे आ रही है।

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