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जिस सेना के नाम पर पीएम मोदी चुनावों में वोटों की अपील कर रहे हैं, उसी सेना के जवानों की उन्हें कितनी चिंता है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जवानों को घटिया गोला बारूद दिया जा रहा है, जिसके कारण जवानों की जान जा रही है।

दरअसल, भारतीय सेना ने रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर शिकायत की है कि उनको टैंकों, आर्टिलरी और एयर डिफेंस गन तथा दूसरे हथियारों में इस्तेमाल के लिए घटिया क्वॉलिटी के गोला-बारूद मिल रहे हैं।

सेना का कहना है कि घटिया क्वॉलिटी के गोला-बारूद मिलने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। जिस0में सैनिकों की जानें जा रही हैं, सैनिक घायल हो रहे हैं और इससे रक्षा उपकरणों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

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अपने पत्र में सेना ने बेहद गंभीर समस्याएं सामने रखते हुए कहा है कि 105एमएम की इंडियन फील्ड गन, 105 एमएम लाइट फील्ड गन, 130 एमएम एमए1 मीडियम गन, 40 एमएम एल-70 एयर डिफेंस गन और टी-72, टी-90 और अर्जुन टैंक की तोपों के साथ नियमित तौर पर दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं।

इसके अलावा खराब क्वॉलिटी के गोला-बारूद के कुछ केस 155 एमएम की बोफोर्स तोपों के मामले में भी सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड इस समस्या को सुलझाने के प्रति गंभीर नहीं है जिसके कारण सेना ने अपने कुछ लॉन्ग रेंज के गोला-बारूद की फायरिंग रोक दी है।

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बता दें कि 19 हजार करोड़ रुपयों के सालाना टर्नओवर वाले ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के पास गोला-बारूद बनाने वाली कुल 41 फैक्ट्री हैं जो 12 लाख सैनिकों वाली भारतीय सेना को गोला-बारूद की सप्लाई करती हैं।

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