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उन्नाव रेप कांड में पीड़िता के पिता की जेल में यूपी पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की थी, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता के पिता का जिस डॉ ने इलाज किया था अब उसी डॉक्टर प्रशांत उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।

सीने में दर्द की शिकायत के बाद सोमवार को परिजनों उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों ने डॉ उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया। डॉ प्रशांत उपाध्याय तबादले के बाद वर्तमान में फतेहपुर जिला में तैनात थे।

बता दें कि उन्नाव रेप कांड की पीड़िता, उनके वकील, चाची, मौसी की भी एक्सीडेंट करवा दिया गया था, जिसमें उसकी चाची और मौसी की मौत हो चुकी है। पिता की मौत पहले ही पुलिस की पिटाई से हो गई थी। इस केस में बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को कोर्ट ने हाल ही में सजा सुनाई है।

बता दें कि पीड़िता के पिता की जेल में पिटाई के बाद डॉ प्रशांत उपाध्याय ने ही उनका इलाज किया था। उस समय डॉ प्रशांत जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात थे। इलाज के बाद उन्होंने पीड़ितों को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी, जिसके बाद उनकी जेल में मौत हो गई थी।

प्रशांत के परिजनों ने बताया कि सोमवार सुबह उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, उन्हें अस्पताल चलने के लिए कहा गया गया। लेकिन उन्होंने कहा कि, अभी नहीं। उसके बाद उनका शरीर ठंढा पड़ गया। उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि, इस मामले में सीबीआई जाँच के बाद डॉ प्रशांत उपाध्याय को सस्पेंड किया गया था। कई दिनों के बाद उन्हें हाल ही में नई तैनाती फतेहपुर में मिली थी। मौत के बाद उनका पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। लेकिन ये सवाल पैदा करता है कि उन्नाव कांड में एक के बाद एक सभी पीड़ित पक्ष के लोगों की मौत क्यों हो रही है।

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