उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार में आने में बाद यूपी में एनकाउंटर स्कीम चलाई थी। यूपी पुलिस ने प्रदेश भर में खूब एनकाउंटर किए। मकसद एक था कि यूपी से गुंडों का खात्मा। इसका दावा भी किया गया और ये दावा किसी और ने नहीं बल्कि खुद मुख्यमंत्री योगी ने किया। उन्होंने कहा था, “एनकाउंटर के डर से अपराधी यूपी छोड़कर भाग गए हैं।”

लेकिन इन दिनों उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है। अलीगढ़ के टप्पल में ढाई साल की बच्ची ट्विंकल शर्मा की नृशंस हत्या कर दी गई। गाजीपुर में जिला पंचायत सदस्य विजय यादव और दादरी में सपा विधानसभा के अध्यक्ष रमतेग कटारिया की हत्या दिनदहाड़े गुंडों ने हत्या कर दी थी। बरेली में महिला होमगार्ड पर दबंगों ने केरोसिन डालकर जिंदा जलने की कोशिश की। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।

वहीं भाजपा सांसद ने यूपी पुलिस के सिपाही को सरेआम थप्पड़ मार दिया। पत्रकारों को पीटा जा रहा है। शामली में समाचार चैनल न्यूज़ 24 के रिपोर्टर अमित शर्मा को पुलिसवालों ने उनकी भ्रष्टाचार की पोल खोलने पर जमकर पीटा। इसिलए इन दिनों उत्तर प्रदेश में हर तरफ दहशत, भय और असुरक्षा व्याप्त है।

सवाल ये उठता है कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावा कर रहे थे कि सभी अपराधी यूपी छोड़कर भाग गए हैं! तो फिर उत्तर प्रदेश में ये हत्याएं, लूट, बलात्कार कौन कर रहा है? क्या यूपी में अपराध करने के लिए बाहर से अपराधी आ रहे हैं? क्या योगी राज में ऐसे ही राम राज्य आएगा?