नागरिकता संशोधन बिल पर संघीय अमेरिकी आयोग ने कहा है कि, नागरिकता संशोधन बिल गलत दिशा में बढ़ाया गया एक खतरनाक कदम है। अगर यह भारत की संसद में पारित होता है तो भारत के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

संघीय अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने सोमवार को एक बयान में कहा कि बिल के लोकसभा में पास होने से वह बेहद चिंतित है। सोमवार को संसद में 311/80 के मत से नागरिकता संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई।

इस बिल के जिसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताडना के कारण 31 दिसम्बर 2014 रक् भारत आए हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और इसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का अधिकार देने का प्रावधान है।

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अमेरिकी आयोग ने कहा, अगर कैब दोनों सदनों में पारित हो जात घी तो अमेरिकी सरकार को गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य नेतृत्व के खिलाफ प्रतिबंध लगाने पर विचार करना चाहिए। सिटीजन अमेंडमेंट बिल के लोकसभा में पास होने से यूएससीआईआरएफ चिंतित है।

इसपर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने ट्विटर पर तंज कसते हुए लिखा- अंध भक्तों, अमेरिका हमारे मोटा भाई पर अटैक कर रहा है. आओ अमेरिका के बने हुए फेसबुक ट्विटर और यूट्यूब का बहिष्कार करके अपनी ताकत दिखाएं।

बता दें कि 9 दिसम्बर को कैब के पक्ष में 311 मत और विरोध में 80 मत पड़े। इसके बाद विधेयक को लोकसभा में मंजूरी दे दी गई। लोकसभा में पास होने के बाद अब CAB को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। जबकि इस विधेयक को बारे में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है। 2014 और 2019 में नरेन्द्र मोदी को जीतकर देश की जनता ने ये मंजूरी दी है।

गौरतलब है कि यूएससीआईआरएफ भारत को पिछले 10 साल से इस तरह की वार्षिक रिपोर्ट दे रहा है। लेकिन यूपीएस शासनकाल से ही भारत ये कहता आया है कि, हम अपने आंतरिक मामले में किसी तीसरे देश का विचारों या रिपोर्ट को मान्यता नहीं देते।

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