जनता को महंगाई से राहत मिलती नज़र नहीं आ रही। तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 10वें दिन भी देश में तेल के दाम में इज़ाफा दर्ज किया गया।

गुरुवार को तेल की कीमत 30 से 35 पैसे बढ़ गई। दिल्ली में पेट्रोल 32 पैसे प्रति लीटर चढ़ कर 89.88 रुपये पर चला गया। वहीं डीज़ल भी 32 पैसे का छलांग लगा कर 80.27 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया।

इस बढ़ोतरी के साथ ही देश के कई हिस्सों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर की दर से बिकने लगा है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में ब्रांडेड पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुकी है।

पेट्रोल की कीमत के शतक पूरा करने के साथ ही सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी चर्चा हो रही है। यूज़र्स इसपर तंज़ कसते हुए केंद्र की मोदी सरकार को घेर रहे हैं।

क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी पेट्रोल की कीमत 100 के पार पहुंचने पर क्रिकेट की भाषा में तंज कसा है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “पेट्रोल ने अबतक क्‍या शानदार पारी खेली है… ऐसे मुश्किल हालात में बहुत अच्‍छा शतक बनाने का काम किया है… जब आपने पहली गेंद खेली तभी से लगा था कि बड़े स्‍कोर तक लेकर जाएंगे”।

मनोज तिवारी ने आगे लिखा, “डीजल ने भी बराबर साथ दिया है…. आप दोनों ने बढि़या साझेदारी की है… आम जनता के खिलाफ खेलना आसान नहीं था लेकिन आप दोनों ने बढिया कर दिखाया….”।

ग़ौरतलब है कि बजट 2021-22 में पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर 4 रुपये प्रति लीटर का ‘एग्री इन्फ्रा सेस’ लगाने का एलान हुआ था, लेकिन सरकार का कहना था कि इससे आम जनता पर कोई अतिरिक्त भार नहीं आएगा। बजट पेश होने के बाद से लागातार तेल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सरकार पहले ही सफाई दे चुकी है। पिछले दिनों पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यसभा में कहा था कि सरकार के पास पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला टैक्स को घटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

उन्होंने कहा था कि कीमतों में फेरबदल अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्भर करती है, इसमें सरकार का कोई रोल नहीं है, कीमत पेट्रोलियम कंपनियां ही तय कर कर रही हैं।

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