2018 के अन्वय नाइक और कुमुद नाइक सुसाइड मामले में गिरफ्तार किए गए रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्नब गोस्वामी को 18 नवंबर तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ये फैसला अलीबाग की कोर्ट ने रात में 6 घंटे चली लंबी सुनवाई के बाद लिया।

जानकारी के मुताबिक, कोर्ट में सुनवाई के दौरान अर्नब ऐसी हरकतें कर रहे थे, जिसपर कोर्ट को उन्हें ये याद दिलाना पड़ा कि वो कोर्ट में खड़े हैं। चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुनैना एस पिंगले ने अर्नब से उचित व्यवहार करने और कोर्ट में एक आरोपी की तरह खड़े होने के लिए कहा।

दरअसल, अर्नब कोर्ट में बार-बार हाथ उठाकर अपने चोट के निशान दिखा रहे थे और ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रहे थे।

कोर्ट में अर्नब इस तरह व्यवहार कर रहे थे कि वहां मौजूद एक वरिष्ठ वकील को भी उन्हें ये याद दिलाना पड़ा कि वह अपने स्टूडियो में नहीं, बल्कि एक कोर्ट रुम में खड़े हैं।

इससे पहले कोर्ट में पेशी के दौरान अर्नब ने अपने मोबाईल का इस्तेमाल कर कार्यवाही का वीडियो बनाने की कोशिश की थी। इसपर भी अर्नब को कोर्ट की कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा था।

बता दें कि रायगढ़ पुलिस ने बुधवार सुबह अर्नब गोस्वामी और दो अन्य लोगों को मुंबई में 52 वर्षीय इंटीरियर डिज़ाइनर अन्वय नाइक को ख़ुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में गिरफ़्तार किया था। अर्नब को मुंबई के उनके आवास से गिरफ़्तार किया गया था और बाद में उन्हें अलीबाग की कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।

इस दौरान अर्नब ने मुंबई पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया। इसपर मजिस्ट्रेट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह उसे एक सिविल सर्जन के पास ले जाए और दूसरी मेडिकल जांच के बाद उसे फिर से पेश करे।

जिसके बाद शाम को एक बार फिर से अर्नब को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जिसमें कोर्ट ने कहा कि वो मारपीट के आरोपों पर विचार नहीं करेगी क्योंकि इसके कोई सबूत नहीं हैं। इस दौरान कोर्ट ने अर्नब से सीधे खड़े रहने और अजीबो-ग़रीब हाव-भाव ना बनाने के लिए कहा।

कोर्ट की इस चेतावनी के बाद अर्नब शांति से बैठे रहे। जबकि पहले कोर्ट के अंदर आते ही वो चिल्ला रहे थे और दावा कर रहे थे कि पुलिस ने उन्हें मारा। कोर्ट ने अर्नब को पुलिस हिरासत में देने से इंकार करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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