2008 मालेगांव ब्लास्ट केस में आतंकवादी गतिविधियों की आरोपी और भोपाल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की कमेटी में मोदी सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रज्ञा को रक्षा मंत्रालय की कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इस कमेटी की अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। प्रज्ञा अभी जमानत पर बाहर हैं। ये मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है।

मंत्रालय की इस कमेटी में कुल 21 सदस्य हैं। इमें प्रज्ञा ठाकुर के अलावा ए. राजा, फारुख अब्दुल्ला, मीनाक्षी लेखी, सुप्रिया सुले, राकेश सिंह, शरद पवार, जेपी नड्डा आदि सदस्य हैं। राजनाथ सिंह चेयरमैन हैं।

प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की कमेटी में सदस्य बनाते जाने पर मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा है कि, “संभल कर.. नींबू-मिर्ची और टोने टोटके वाले अब देश की सुरक्षा पर सलाह देंगे।”

ये वही प्रज्ञा ठाकुर हैं जिन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। विपक्षी नेताओं के बारे में कहा था कि विपक्षी नेता भाजपा के नेताओं पर ‘मारक शक्ति’ का इस्तेमाल करते हैं। हेमंत करकरे के बारे में कहा था कि वो मेरे श्राप से मारा था।

नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर सवाल उठने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बयान देते हुए कहा था कि, मैं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मन से माफ़ नहीं कर पाऊंगा। इसके बाद बीजेपी ने विवादित बयान पर प्रज्ञा को कारण बताओ नोटिस दिया था।

प्रज्ञा ठाकुर बनीं रक्षा मंत्रालय की कमेटी की सदस्य, अब आतंक की आरोपी तय करेंगी देश की सुरक्षा?

लेकिन अब यही प्रज्ञा ठाकुर जो लोगों को श्राप से मार देती हैं, वो देश की रक्षा के लिए निर्णय लेने वाली कमेटी में सलाह देंगी। क्या ये देश का दुर्भाग्यपूर्ण है? हो सकता है प्रज्ञा अब दुश्मनों को अपनी मारक क्षमता से मार देंगी।

बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। चुनाव में उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को हराया था।

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