देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत में पहली कॉर्पोरेट ट्रेन शुरू की गई थी। जो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से नई दिल्ली तक चलाई गई थी। जिसका संचालन आईआरसीटीसी द्वारा किया जा रहा है।

सरकार द्वारा चलाई गई इस कॉर्पोरेट ट्रेन की टिकट महंगी होने कारण लोग इसमें सफर करने से परहेज कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि तेजस एक्सप्रेस में रविवार सुबह लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के लिए तेजस से करीब 400 यात्री और नई दिल्ली से लखनऊ आने वाली तेजस में करीब 250 यात्रियों ने सफर के लिए बुकिंग कराई थी। इसमें ज्यादातर सीटें खाली ही रही।

खबर के मुताबिक, रेलवे को रोजाना इसके चलते औसतन 9 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था। कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस 23 नवंबर से बंद होने जा रही है और अगले आदेश आने तक इसे बंद ही रखा जाएगा।

दरअसल सरकार यह उम्मीद कर रही थी कि त्योहारों के सीजन में यात्री ट्रेन के जरिए ही सफर करेंगे। लेकिन नतीजा इसके बिल्कुल विपरीत ही निकला।

आपको बता दें कि लखनऊ और दिल्ली के बीच चल रही दूसरी ट्रेनों को भी फिलहाल यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। लखनऊ मेल शताब्दी जैसी कई ट्रेनें लगभग खाली चल रही हैं।

कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस को बंद किए जाने के फैसले पर विपक्षी नेताओं ने मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में कांग्रेस नेता श्रीनिवास बी वी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि “जब नीतियां ‘जनता’ के लिए नही, कॉरपोरेट के हित में बनने लगे तो नाश निश्चित है…! जरा सोचिए, 70 वर्षो में कितनी बार जनहितैषी ट्रेनें इस कारण से बंद होने की खबर आपने सुनी ?”

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

20 − 4 =