लोकसभा चुनाव में भी वही हुआ जो हर विधानसभा चुनाव में हो रहा था। पिछले पांच सालों में विधानसभा चुनाव से लेकर निकाय चुनाव में नेहरु- गांधी परिवार पर जमकर हमला बोला गया। इसका नतीजा क्या हुआ सभी चुनावों में असल मुद्दे से सत्ताधारी दल बीजेपी भटक गई, मगर देश की जनता नहीं भटकी।

दरअसल मोदी सरकार बनने के बाद कई योजनाओं की शुरुआत हुई। जिसमें हर वर्ग के लिए कुछ ना कुछ था। जिसमें मोदी सरकार ने सपने दिखाए थे।

मगर सरकार में इन योजनाओं को लेकर कितनी गंभीर है ये उसके चुनाव प्रचार से ही पता चलता है। आखिर ऐसा क्यों है कि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृहमंत्री, रक्षा मंत्री या रेल मंत्री स्मार्ट सिटी मेक इन इंडिया के नाम पर वोट नहीं मांगते।

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इसी बात की तरफ इशारा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अहमद पटेल ने सोशल मीडिया पर लिखा- आखिरी बार हमने बीजेपी को कब इन मुद्दों पर बोलते हुए सुना? नोटबंदी, स्मार्ट सिटी मेक इन इंडिया स्टैंडअप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया। ये अभी तक का पहला ऐसा चुनाव है जहां सरकार अपनी योजनाओं के बारे में लोगों को बता नहीं रहें है।

पटेल का ये भी कहना कुछ हद तक ठीक है कि बीजेपी नोटबंदी के नाम पर वोट नहीं मांग रही है। जबकि सरकार के अनुसार ये एतिहासिक कदम था। आखिर नोटबंदी या जीएसटी या डिजिटल इंडिया जैसे फैसले कर सरकार वाह वाही तो लूट सकती है। मगर दुबारा चुनाव जीतने के लिए सपनों को थोड़ा सच दिखाना होता है, जो बीजेपी ने किया नहीं।