सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार द्वारा गलत तथ्य देने के खिलाफ अब संसद में भी प्रधानमंत्री के खिलाफ विशेषअधिकार का नोटिस आ गया है। यह कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल द्वारा लाया गया है।

इस नोटिस में मोदी सरकार पर आरोप लगया गया है कि सरकार ने देश की सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह किया है और न्यायालय में गलत तथ्य पेश किए हैं।

बता दें कि सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में राफेल पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) रिपोर्ट और पब्लिक एकाउंट्स कमेटी (पीएसी) द्वारा जांच के बारे में गलत तथ्य पेश करने को लेकर देश में राजनीति गर्माई हुई है।

इन तथ्यों को आधार बनाकर ही सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के खिलाफ डाली गई सभी याचिकाओं को रद्द कर दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के कुछ घंटों बाद ही सरकार द्वारा कोर्ट में दी गई गलत जानकारियों पर पूरे देश में एक नई बहस छिड़ गई थी जो अभी भी जारी है।

कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल का मोदी सरकार पर अब आरोप है कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में राफेल डील की जांच रोकने के लिए ही कोर्ट में गलत तथ्य दिए हैं।

वहीं विवाद को बढ़ता देख मोदी सरकार ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर कोर्ट के फैसले में संशोधन की मांग की है।

मोदी सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि उस पैराग्राफ में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संशोधन किया जाए जिसमें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) रिपोर्ट और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) को राफेल डील के संबंध जानकारी होने का जिक्र किया गया है।

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