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Modi Sarkar
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पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने टीवी चैनलों को हिंसक विरोध की कवरेज न दिखाने की एक एडवाइज़री जारी की है।

एडवाइजरी में मंत्रालय ने कहा है, “सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी सामग्री के प्रति विशेष सावधानी बरतें, जिनसे हिंसा को प्रोत्साहन मिलता हो या उससे हिंसा भड़कती हो, या कानून-व्यवस्था बनाए रखने में समस्या उत्पन्न होने की आशंका हो या जो राष्ट्रविरोधी व्यवहार को बढ़ावा दे रही हो।”

एडवाइजरी में चैनलों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इन संहिताओं का उल्लंघन करने वाली कोई भी सामग्री प्रसारित न हो। एडवाइजरी में सभी निजी उपग्रह टीवी चैनलों से उपरोक्त नियमों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया गया है।

कांग्रेस ने सरकार की इस एडवाइज़री पर सवाल उठाए हैं। छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्विटर के ज़रिए कहा, “केन्द्र सरकार का यह आदेश ब्रिटिश काल के आदेशों की तरह है, जिसमें उनके खिलाफ प्रदर्शन की खबरों पर रोक लगाए रखती थी”। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “नागरिकता संशोधन विधेयक से आम जनता खुश है तो वहां लोगों पर प्रतिबंध ओर कर्फ्यू क्यों लगाए गए हैं”।

बता दें कि दोनों सदनों में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में इसका विरोध तेज़ हो गया है। कई जगहों से हिंसा, आगज़नी और तोड़फोड़ की ख़बरें सामने आ रही हैं। इस बिल से लोग इस कदर नाराज़ हैं कि उन्होंने बिल को पास कराने वाली बीजेपी के नेताओं और उनके दफ्तरों को निशाना बनाना शुरु कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि ऐसी ही ख़बरों को दबाने के लिए सरकार ने मीडिया को ये एडवाइज़री जारी की है।

2 COMMENTS

  1. Peoples of the nation (India) fought for freedom with British & got Independence,it’s a matter of year 1947 . The generated peoples living as Independent slaves since 1947 to 2014 , now they want to be Independent it is the duty of young generation to choose themselves, they have to take lesson from Mr.Kannaih Kumar said to be Desh Droohi.

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