‘1955 में जब कांग्रेस की सरकार थी, तभी इस घटना की नींव पड़ गई थी। सोनभद्र में हुए जमीन विवाद के लिए 1955 और 1989 में रही कांग्रेस सरकार जिम्मेदार हैं।’ ये बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिन्होंने सोनभद्र में हुए नरसंहार पर ऐसी प्रतिक्रिया दी है। राज्य की बीजेपी सरकार इसके लिए भी 1955 की कांग्रेस को ज़िम्मेदार बता रही है। गौरतलब है कि तब जवाहरलाल नेहरु प्रधानमंत्री थे।

दरअसल उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत मूर्तिया के उम्भा गांव में 90 बीघा जमीन के विवाद में गुर्जर समुदाय के लोगों ने आदिवासी गोंड समुदाय पर हमला कर दिया था। एक ही पक्ष के 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हैं। अब इसपर सीएम योगी ने जांच के आदेश तो दे दिए है।

मगर उन्होंने इस घटना के लिए भी कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया है।

सीएम योगी ने कहा- ग्राम पंचायत की जमीन को 1955 में आदर्श सोसाइटी के नाम पर दर्ज किया गया था।

इस जमीन पर वनवासी लोग खेती करते थे। 1989 में इस जमीन को किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर कर दिया गया। पीड़ित पक्ष इस जमीन पर खेती कर रहा था और आरोपी प्रधान को कुछ पैसे दे रहा था। प्रधान द्वारा मामले में वाद दायर करने के बाद पीड़ितों ने पैसे देना बंद कर दिया।

इसके साथ ही सीएम योगी ने कहा कि मैंने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वो इस मामले की निगरानी व्यक्तिगत रूप से करें। उन्होंने स्वीकार किया कि अफसरों ने इस मामले में लापरवाही से काम लिया है। लापरवाही के चलते सीओ, एसडीएम, इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। वाराणसी ज़ोन के एडीजी 10 दिन में जांच करके रिपोर्ट देंगे