पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी नेता चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा को रंगदारी मांगने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से ज़मानत मिल गई है। छात्रा 25 सितंबर से जेल में है। कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद अब वह 3-4 दिन में जेल से बाहर आ जाएगी।

इससे पहले ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में छात्रा की ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया गया था। जिसके बाद छात्रा ने हाईकोर्ट का रुख किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की और छात्रा को ज़मानत दे दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि चार्जशीट दाखिल होने और मामले का ट्रायल शुरू होने के बाद छात्रा को अब जेल में रखे जाने का कोई औचित्य नहीं है।

छात्रा पर चिन्मयानंद से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। ये आरोप दुष्कर्म के आरोपी चिन्मयानंद ने ख़ुद लगाए हैं। इन्हीं आरोपों की बुनियाद पर एसआईटी ने 25 सितंबर को छात्रा गिरफ्तार किया था। तब से छात्रा जिला कारागार में बंद थी।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान छात्रा की ओर से वकील रवि करण जैन ने कहा कि छात्रा के साथ स्वामी चिन्मयानंद ने लंबे समय तक दुराचार किया और उसे ब्लैकमेल के आरोप में झूठा फंसाया है। मामले की जांच कर रही एस आईटी ने छात्रा द्वारा नई दिल्ली के लोधी रोड थाने में की गई शिकायत की प्राथमिकी दर्ज नहीं की।

उन्होंने यह भी कहा कि मामले की ठीक से विवेचना नहीं की जा रही है। छात्रा का लगातार शोषण किया गया और उसे ही आरोपी बनाकर जेल में डाल दिया गया है। करण राव की दलीले सुनने के बाद कोर्ट ने छात्रा को ज़मानत दे दी।

बता दें कि छात्रा ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इस वजह से चिन्मयानंद भी 20 सितंबर से जेल में बंद हैं। उनकी जमानत पर फैसला कोर्ट में सुरक्षित है।

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