भारत का डंका तो सचमुच दुनिया में बजने लगा है। बस तय ये करना है कि इसके लिए मोदी सरकार को धन्यवाद करना है, लानत भेजनी है। क्योंकि जो डंका बज रहा है वो झूठ का है। बेइज्जती का है। इंटरनेशनल बेइज्जती का है।

जेवर एयरपोर्ट की तस्वीर बताकर चीन की तस्वीर शेयर करने का मामला अब चीन की मीडिया तक पहुंच गया है।

इस मामले पर चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क के एक सदस्य ने प्रतिक्रिया भी दी है।

Shen Shiwei ने भाजपा नेताओं के ट्वीट का कोलाज शेयर करते हुए लिखा है, ”यह जानकर चकित हूं कि भारत सरकार के अधिकारियों को चीन बीजिंग डैक्सिंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तस्वीरों का इस्तेमाल अपनी बुनियादी ढांचे की उपलब्धियों के सबूत के रूप में करना पड़ा”

दरअसल, चुनाव आते ही भाजपा पर विकास का इतना ‘दबाव’ बढ़ जाता है कि उसे ‘विकास’ को विदेशों से इम्पोर्ट करना पड़ता है।

उत्तर प्रदेश में विकास दिखाने के लिए कोलकाता का फ्लाईओवर और अमेरिका की फैक्ट्री इम्पोर्ट करने के बाद अब चीन से पूरा का पूरा एयरपोर्ट इम्पोर्ट कर लिया गया है।

दरअसल 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट की नींव रखी। प्रधानमंत्री ने कहा- इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे लिए राजनीति का नहीं बल्कि राष्ट्रनीति का हिस्सा है।

यूपी चुनाव के मद्देनजर इसे जितना बढ़ा-चढ़ाकर बताया/दिखाया जा सकता था, बताया/दिखाया गया। कुछ अतिउत्साही भाजपा नेताओं द्वारा इस मौके पर एक तस्वीर पोस्ट की गई जिसे जेवर एयरपोर्ट का बताया गया।

योगी सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने ट्विटर पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा “एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने साथ 35000 करोड़ रुपये का निवेश भी लाने जा रहा है।

इससे एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा और क्षेत्र में विकास की गति भी तेज होगी।”

उपमुख्यमंत्री के बाद यूपी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी उसी तस्वीर को शेयर करते हुए उसे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बताया।

भाजपा को लगा होगा कि वो अपने झूठतंत्र के सहारे इसे सच साबित कर देगी। जैसा कि अमित शाह ने सितंबर 2018 में पार्टी कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया वॉलिंटियर्स को संबोधित करते हुए कहा था, “हम जो चाहें वो संदेश जनता तक पहुंचा सकते हैं, चाहे खट्टा हो या मीठा हो, चाहे सच्चा हो या झूठा हो।”

ख़ैर, सोशल मीडिया के जांबाजों और फैक्ट चेकर्स ने भाजपा के झूठ की हवा निकाल दी।

रिवर्स इमेज सर्च की मदद से तुरंत मालूम चल गया कि तस्वीर चीन की राजधानी बीजिंग के दाक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है। बीजिंग का ये एयरपोर्ट दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक है।

तो मामला खुलते ही मंत्रियों ने अपने ट्वीट्स हटाने शुरू कर दिए। हालांकि स्क्रीनशॉट और आर्काइव के इस ज़माने में ट्वीट डिलीट करने का कोई फायदा होता नहीं है, इसलिए आप मंत्रियों के उन झूठे ट्वीट्स को अब भी देख सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here