मोदी सरकार के विवादित कृषि कानून के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमा पर लगातार 6 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे इन किसानों की आवाज़ को भले ही मोदी सरकार ने नज़रअंदाज़ कर दिया है, लेकिन इनकी आवाज़ दुनिया में सुनी जा रही है। इन प्रदर्शनकारी किसानों को दुनिया के कई बड़े देशों और नेताओं का समर्थन मिला है।

कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका के कई सांसदों ने अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे इन किसानों का खुलकर समर्थन किया है।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो से लेकर वहां के कुछ बड़े नेताओं जैसे- जगमीत सिंह, जैक हैरिस, एंड्रिया होरवाथ, गुररतन सिंह ने किसानों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए सवाल उठाया है।

पीएम ट्रुडो ने कहा कि, “अगर मैं किसानों द्वारा प्रदर्शन के बारे में भारत से आ रही खबरों पर ध्यान देना शुरू नहीं करता तो बेपरवाह होता। वहां की स्थिति चिंताजनक है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कनाडा हमेशा खड़ा रहेगा। हमने अपनी चिंताओं को रेखांकित करने के लिए कई माध्यमों से भारतीय ऑथोरिटी ई संपर्क किया है।”

किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कनाडा में न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख जगमीत सिंह ने ट्वीट किया, “शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ भारत सरकार की हिंसा बेहद आहत करने वाली है। मैं पंजाब और भारत के किसानों के साथ खड़ा हूं। मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि हिंसा के बजाय शांतिपूर्ण बातचीत का रास्ता अपनाए”।

वहीं सेंट जॉन ईस्ट से सांसद जैक हैरिस ने भी भारत के नए कृषि कानून को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “हम ये देखकर हैरान हैं कि आजीविका पर संकट देखकर प्रदर्शन कर रहे किसानों का भारत सरकार दमन कर रही है। वाटर कैनन और आंसू के गोले की बजाय भारत सरकार को किसानों के साथ सीधी बातचीत करनी चाहिए”।

ब्रिटेन में भी लेबर पार्टी के कई सांसदों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए भारत की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया।

लेबर पार्टी के सांसद और रेल मंत्री तनमनजीत सिंह ने ट्वीट कर कहा, “ये बहुत ही अलग तरह के लोग हैं जो अपना दमन करने वाले लोगों का भी पेट भरते हैं। मैं पंजाब और भारत के बाकी राज्यों के किसानों, अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ खड़ा हूं जो #FarmersBill2020 के तहत होने वाले निजीकरण का विरोध कर रहे हैं”।

लेबर पार्टी के ही सांसद जॉन मैकडोनल ने तनमनजीत सिंह का समर्थन किया और लिखा, “शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति दमनकारी रवैया अस्वीकार्य है और ये भारत की छवि को खराब करता है”।

लेबर पार्टी की एक अन्य सांसद प्रीत कौर गिल ने ट्वीट कर कहा, “दिल्ली से हैरान करने वाले दृश्य। किसान अपनी आजीविका को प्रभावित करने वाले विवादित बिल का शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उन्हें चुप कराने के लिए पानी की तेज बौछार और आंसू के गोलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारत में विवादित कानून को लेकर विरोध कर रहे नागरिकों के साथ बर्ताव का ये तरीका बिल्कुल सही नहीं है”।

बता दें कि दिल्ली की सीमा पर बैठे किसान मोदी सरकार के नए कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं। किसानों को डर है इस कानून के आने से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर असर पड़ेगा और धीरे-धीरे ये खत्म हो जाएगी। किसानों की मांग है कि MSP पर सरकार पुख्ता वादा करे और इसे कानून में शामिल करे।

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