उत्तर प्रदेश के अयोध्या के गोसाईगंज से भारतीय जनता पार्टी के विधायक इंद्र प्रताप तिवारी को 28 साल पुराने मामले में कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गई है।

इस मामले में सोमवार को एमपी एमएलए के लिए बनाई गई विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें विशेष कोर्ट की जज पूजा सिंह ने भाजपा विधायक समेत दो अन्य आरोपियों को फर्जी मार्कशीट के जरिए एडमिशन पाने के मामले में दोषी ठहराया। इन तीनों दोषियों को 5 साल की सजा के साथ-साथ 8000 का जुर्माना भी लगाया गया। यह मामला साल 1992 का है और भाजपा विधायक पर फर्जी मार्कशीट के जरिए कॉलेज में एडमिशन लेने का आरोप है। बताया जाता है कि जब भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ने साल 1990 में कॉलेज में एडमिशन लिया था तो उन्होंने फर्जी मार्कशीट बनवाई थी।

दरअसल साल 1990 में भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी बीएससी सेकंड ईयर में पास होने में कामयाब नहीं हुए थे। इसके बावजूद साकेत पोस्टग्रेजुएट कॉलेज में उन्होंने एडमिशन लिया। जिसमें फर्जी मार्कशीट का इस्तेमाल किया गया। आपको बता दें कि यह मामला तब सामने आया। जब कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल यदुवंश राम त्रिपाठी ने भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी के खिलाफ अयोध्या में शिकायत दर्ज करवाई। भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी के साथ साथ फूलचंद यादव और कृपानिधान तिवारी पर भी फर्जी मार्कशीट के जरिए कॉलेज में एडमिशन लेने के आरोप लगे थे।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी में ऐसे कई नेता शुमार हैं। जिन पर अपराधिक मामले दर्ज हैं। जिनमें कई नेताओं पर धोखाधड़ी, महिला अपराध और हिंसा के आरोप लगे हैं।

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