पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद तिहरे हत्याकांड पर सियासी रोटियां सेंकने में लगी बीजेपी को उस वक्त गहरा धक्का लगा जब मृतक के परिजनों ने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि कत्ल होने वाला शख्स बंधु प्रकाश पाल का संबंध आरएसएस से था।

दरअसल, बंधु प्रकाश पाल की हत्या के बाद से ही बीजेपी के कई नेता उन्हें आरएसएस का कार्यकर्ता बताकर सूबे की ममता बनर्जी सरकार को घेरने में लगे थे। मामले को राजनीतिक रंग देने के लिए बीजेपी नेता खूब भड़काऊ बयान दे रहे थे। ख़ून का बदला खून से लेने की बात कह रहे थे। इस हत्याकांड को लेकर बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग कर रहे थे। लेकिन अब बंधु प्रकाश के परिजनों के बयान ने बीजेपी के सियासी खेल को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है।

बंधु प्रकाश पाल की 68 वर्षीय मां माया पाल ने बीजेपी नेताओं के दावों को खारिज करते हुए कहा, “वह कोरे कागज की तरह था। आपसे किसने कहा कि वह बीजेपी मेंबर था? वह कभी बीजेपी या तृणमूल कांग्रेस से नहीं जुड़ा रहा। वह कभी आरएसएस में नहीं रहा। ये सब झूठ फैलाया जा रहा है”।

वहीं पाल के मौसेरे भाई बंधु कृष्ण घोष ने भी बीजेपी के दावों को ग़लत बताया है। उन्होंने कहा, “दिलीप घोष ने कल कहा कि मेरा भाई बीजेपी परिवार से ताल्लुक रखता है। वह झूठ बोल रहे हैं। वह सिर्फ हमारे परिवार के थे। मैंने उन्हें बचपन से देखा है। वह मेरे भाई होने के अलावा मेरे बेस्ट फ्रेंड भी थे। हम जब भी राजनीति की बातें करते थे, वह वहां से चले जाते थे। पुलिस को पता लगाना चाहिए कि किसने मेरे भाई की हत्या की। किसी को इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए”।

ग़ौरतलब है कि तीन दिन पहले मुर्शिदाबाद में 40 वर्षीय स्कूल टीचर बंधु प्रकाश पाल सहित उनकी पत्नी ब्यूटी और बेटे अंगन की जियागंज के लेबू बागान इलाके स्थित उनके घर पर गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद बीजेपी नेताओं ने बंधु प्रकाश को बीजेपी का बताते हुए मामले को राजनीतिक रंग दिया और सूबे में ममता सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। लेकिन अब परिजनों के बयान के बाद बीजेपी नेताओं के दावे झूठे साबित हो गए हैं।

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