देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा एक बार फ़िर ग़लत ख़बर चलाए जाने का मामला सामने आया है। एजेंसी ने फ़र्ज़ी तरीके से दावा किया कि पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक ने बालाकोट में हुई मौतों की पुष्टि की है।

एएनआई के इस फर्ज़ी दावे का ख़ुलासा फैक्टचेक करने वाली वेबसाइट बूमलाइव ने किया है।

बूमलाइव की फैक्टचेक स्टोरी के मुताबिक़, एएनआई की रिपोर्ट में पाकिस्तानी राजनयिक ज़फ़र हिलाली के हवाले से बालाकोट एयरस्ट्राइक में 300 आतंकियों के मारे जाने का दावा ग़लत है। बेवसाइट ने ख़ुलासा किया है कि एएनआई ने ज़फ़र हिलाली के जिस वीडियो के आधार पर ये दावा किया था, वो एडिटेड था।

“Former Pak diplomat admits 300 casualties in Balakot airstrike by India” के शीर्षक के साथ एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि हिलाली ने इमरान ख़ान के भारत के सर्जिकल स्ट्राइक वाले बयान पर डिबेट करते हुए एक न्यूज़ चैनल पर कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर युद्ध अपराध किया।

इसमें हमारे 300 लोग मारे गए। हमने क्यों नहीं भारत पर हमला किया? इसलिए नहीं किया न, क्योंकि हमने यह स्वीकार किया कि सर्जिकल स्ट्राइक…लिमिटेड ऐक्शन…ओ हो, देखो-देखो कोई नहीं मारा।

एएनआई की इस रिपोर्ट के बाद भारत के कई मीडिया संस्थानों ने भी यही दावा किया। लेकिन बूमलाइव ने जब इस दावे की पड़ताल की तो ज़फ़र हिलाली का वीडियो एडिटेड पाया गया।

ज़फ़र हिलाली का जो ओरिजनल वीडियो है, उसमें वो भारत की 300 लोगों को मारने की मंशा के बारे में बात कर रहे हैं और कहते हैं कि भारत इसमें फ़ेल हो गया।

हिलाली आगे भारत पर फुटबॉल फील्ड पर बॉम्बिंग करने और 300 पाकिस्तानी को मार गिराने के फ़र्ज़ी दावे करने का आरोप लगाते हैं। हिलाली पाकिस्तान पर भी गुस्सा करते हैं कि कैसे भारत के इन दावों पर पाकिस्तान चुप रहा।

भारतीय मीडिया में चल रहे ग़लत दावों पर ज़फ़र हिलाली ने आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “यह रिपोर्ट हम टीवी पर हुई डिबेट के एक भाग के आधार पर प्रकाशित की गई है, जो ग़लत है”।

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