karnataka
Karnataka

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मंत्रीमंडल में फेरबदल करते हुए मंगलवार को नए नियुक्त किए गए आनंद सिंह को पर्यावरण विभाग की ज़िम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले पर सवाल खड़े किए जा रहै हैं। ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि आनंद सिंह के खिलाफ कर्नाटक वन अधिनियम के तहत गंभीर अपराध सहित एक दर्जन से ज़्यादा मामले लंबित हैं।

विजयनगर से विधायक आनंद सिंह के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, जिसे उन्होंने दिसंबर 2019 के उपचुनाव के लिए दायर किया था, उसमें उन्होंने अपने खिलाफ 15 केस लंबित दिखाए थे। ये केस भारतीय दंड संहिता और खानों एवं खनिजों (विकास और विनियमन) अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं। जो कि कर्नाटक वन अधिनियम का उल्लंघन है।

येदियुरप्पा ने MLA को दिए थे 1000 करोड़! कांग्रेस बोली- खरीदने में ही देश का खजाना खाली कर दिया

येदियुरप्पा ने आनंद सिंह को वन मंत्री बनाने का फैसला 10 नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के अगले ही दिन मंगलवार को लिया। येदियुरप्पा के इस फैसले को राजनीतिक दबाव का नतीजा माना जा रहा है। इसस पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ने आनंद सिंह को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग की ज़िम्मेदारी सौंपी थी।

ग़ौरतलब है कि येदियुरप्पा के नए नियुक्त मंत्री आनंद सिंह को खनन माफिया रेड्डी बंधुओं का करीबी माना जाता है। आनंद सिंह को 2015 में कर्नाटक लोकायुक्त के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आइरन ओर की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। सिंह को 2013 में बेलेकी बंदरगाह से आइरन ओर के कथित अवैध निर्यात के मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

कर्नाटक : JDS के अयोग्य विधायक का दावा- येदियुरप्पा ने CM बनने के लिए मुझे 1000 करोड़ रुपए दिए

लोकायुक्त एन संतोष हेगड़े ने आनंद सिंह को वन मंत्री बनाए जाने पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। उन्होंने मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सिंह को मंत्री बनाया जाना ऐसा है जैसे चोर को चौकीदारी दे दी जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

twenty − 10 =