नोटबंदी के कारण मरने वालों का सिलसिला अभी भी जारी है। ताज़ा मामला यूपी के मेरठ से सामने आया है। जहां BJP के पूर्व पार्षद सतीश चंद ने नोटबंदी से परेशान होकर ख़ुदकुशी कर ली।

पुलिस को सतीश चंद के पास से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है। जिसके मुताबिक, उन्होंने ख़ुदकुशी इसलिए की क्योंकि वह नोटबंदी के बाद से बेहद परेशान चल रहे थे। हालांकि पुलिस ने पूरे सुसाइड नोट का ब्यौरा नहीं दिया है।

सुसाइड नोट के बारे में पूछे जाने पर एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने केवल इतना ही बताया कि सुसाइड नोट की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही इसके बारे में कुछ कहा जा सकेगा।

शहर के भगवतपुरा के रहने वाले मृतक सतीश चंद BJP के पार्षद रह चुके हैं। वह थोक कारोबारी थे। परिवार में पत्नी उषा और एक गोद ली हुई बेटी वर्षा हैं।

नोटबंदी से परेशान BJP नेता ने लगा ली फांसी, अबभी मोदी कहेंगें नोटबंदी से कोई नुकसान नहीं हुआ?

नोटबंदी के कारण BJP नेता की ख़ुदकुशी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि BJP की नीतियों ने देश के हर वर्ग को आत्महत्या करने पर मज़बूर कर दिया है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “हमने ऐसा विकास आज तक नहीं देखा जो किसानों, गरीबों, छात्रों और खुद भाजपा नेताओं को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दे। नोटबंदी का जवाब अब जनता वोटबंदी से देगी”।

बता दें कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था। पीएम मोदी ने दावा किया था कि इसके ज़रिए कालाधन पर लगाम कसेगी और देश की अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। नोटबंदी अपने मक़सद को पाने में नाकाम रही और इसके भयावाह परिणाम देखने को मिले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोटबंदी के कारण तकरीबन 100 लोगों की मौत हो गई थी।