• 6K
    Shares

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM ) को लेकर हुए ताज़े ख़ुलासे के बाद एक बार फिर ईवीएम की विश्वस्नीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दल के नेताओं ने आगामी लोकसभा चुनाव में EVM बैन कर बैलेट पेपर से मतदान कराए जाने की मांग शुरु कर दी है।

EVM के बजाए बैलेट पेपर से मतदान कराए जाने की मांग करने वालों की फेहरिस्त में अब समाजवादी पार्टी (सपा) अखिलेश यादव का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि जब EVM की विश्वस्नीयता संदिग्ध है तो फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने में क्या हर्ज़ है।

जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि के मौके पर लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि दुनिया के तमाम देश जो तकनीकी और विज्ञान में आगे हैं, वह चुनाव प्रणाली के लिए ईवीएम का प्रयोग क्यों नहीं करते हैं। आखिर कुछ तो है जिसकी वजह से वे ईवीएम पर भरोसा नहीं कर रहे हैं।

EVM से BJP को फायदा होता है, इसलिए ‘चुनाव आयोग’ इसे बैन नहीं कर रहाः संजय सिंह

उन्होंने कहा कि आज सवाल यह उठ रहा है कि देश में लोकतंत्र कैसे बचेगा? आज भी गांवों में लोग भरोसा नहीं कर पा रहे हैं कि, उन्होंने वोट साइकिल को दिया था, तो कमल कैसे जीत गया।

उन्होंने कहा कि अब EVM हैकिंग की बात एक बार फिर से सामने आई है तो इसकी जांच होनी चाहिए। हैकिंग का दावा करने वालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

EVM पर खुलासे के बाद बोलीं मायावती- वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा, 2019 में ‘बैलेट पेपर’ से हों चुनाव

बता दें कि बीते कल कथित तौर पर भारतीय EVM को डिज़ाइन करने वाले एक्सपर्ट सैय्यद शुजा ने लंदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सनसनीखेज़ ख़ुलासा करते हुए कहा था कि भारतीय EVM को आसानी से हैक किया जा सकता है और 2014 आम चुनावों में बीजेपी ने इसे रिलायंस कम्युनिकेशन की मदद से हैक किया था।