राजस्थान के जयपुर निवासी कनिष्क ने आईआईटी-बॉम्बे से कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग में बीटेक भी किया। इसके बाद कनिष्क ने डेढ़ साल तक दक्षिण कोरिया की एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में नौकरी की।

फिर एक अमेरिकी स्टार्ट-अप बिजनेस में काम करने के लिए भारत लौट और इस बीच UPSC की तैयारी शुरू कर दी। वैसे कनिष्क पिता और चाचा भी आईएएस अधिकारी हैं। दादा भी राज्य प्रशासन सेवा में कार्यरत थे।

जाहिर है सदियों से कुचले जा रहे बहुजन समाज के लिए कनिष्क का टॉप करना अत्यधिक गर्व की बात है। तमाम बहुजन नेता कनिष्क को विशेष तौर पर बधाई दे रहे हैं।

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दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने ट्वीट कर कनिष्क को बधाई देते हुए लिखा है ‘योग्यता किसी जाति और धर्म की मोहताज नही। बहुजन समाज के लिए गौरवशाली पल 2015 में टीना डाबी और अब एस सी समाज के कनिष्क कटारिया ने अपने पहले ही प्रयास मे देश की सर्वोच्च परीक्षा UPSC मे टॉप किया। समस्त देशवासियों को बधाई।’

बता दें कि जिस UPSC के फाइनल परिक्षा में कनिष्क ने टॉप किया है, उसके प्रारंभिक परीक्षा के लिए 10,65,552 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जिनमें से 4,93,972 लोगों ने भाग लिया। 4,93,972 में से मात्र 10,468 अभ्यर्थी ही मुख्य परिक्षा में भाग लेने के लिए उत्तीर्ण हो सके।

UPSC परिक्षा के अंतिम पराव यानी इंटरव्यू तक मात्र 1994 अभ्यर्थी ही पहुंच सके, इनमें से भी सिर्फ 759 उम्मीदवार का चयन हुआ है। यानी इस बार कुल 759 अभ्यार्थियों ने UPSC परिक्षा पास की है। इनमें 577 पुरुष और 182 महिलाएं हैं।

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