अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक बार फिर मॉब लिंचिंग पर बयान दिया है। शाह ने कहा कि मैं पीड़ितों के परिवार से मिलकर गर्व महसूस कर रहा हूं और मैं इनके साहस को सलाम करता हूं। ये अपनी जिंदगी में हम लोगों से ज्यादा परेशानियों का सामना करते हैं। हम अपनी जिंदगी में इसका 2 प्रतिशत भी नहीं झेलते।

दरअसल शाह हाल ही में मॉब लिंचिंग में मारे पीड़ित परिवारों ने मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्होंने अपना अनुभव मुंबई के दादर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में पीड़ित और उसके परिजनों को मॉब लिंचिंग में काफी कुछ भुगतना पड़ता है।

आज धर्म के नाम पर ‘नफरत’ की दीवारें खड़ी की जा रही है, क्या हमने ऐसे देश का सपना देखा था ? : नसीरुद्दीन शाह

नसीरुद्दीन शाह ने उन पर की जानी आलोचनाओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मेरे बयान के बाद चंद लोगों ने मुझे गद्दार कहा तो कुछ लोगों ने कहा कि मुझे पाकिस्तान चले जाना चाहिए। लेकिन ये ताने मॉब द्वारा मारे गए लोगों की तुलना में कुछ भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग का दर्द झेलने वाले परिवार के साथ मेरी सहानुभूति है और मैं  साथ इन लोगों के लिए हमेशा खड़ा रहूँगा।

पहले इस देश में ‘मॉब लिंचिंग’ नहीं होती थी अब हो रही है इसलिए मैं अपने बच्चों के लिए परेशान हूं : नसीरुद्दीन शाह

बता दें कि बीते दिनों नसीरुद्दीन शाह ने देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की थी। जिसके बाद उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, उन्होंने बुलंदशहर में मॉब लिंचिंग में पुलिसकर्मी की मौत पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पुलिसकर्मी की हत्या से ज्यादा तवज्जो गाय की मौत को दी गई।