सत्तारूढ़ पार्टी की संख्या के मद्देनज़र भले ही लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को पास कर दिया गया है। लेकिन इसका विरोध लगातार जारी है। जहां पूर्वोत्तर राज्यों में इस बिल को लेकर उबाल की स्थिति बनी हुई है, वहीं विपक्षी नेताओं से लेकर कई पत्रकार और समाजिक कार्यकर्ता भी इसके विरोध में अपना पूरा दमख़म लगाते नज़र आ रहे हैं।

अब पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ अपने आंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने बिल पर अपना विरोध दर्ज करते हुए कहा कि अगर यह बिल सदन द्वारा पारित किया जाता है तो वह अधिकारिक रूप से मुसलमान हो जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वह NRC को कोई भी दस्तावेज जमा नहीं करेंगे।

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हर्ष मंदर ने आगे कहा कि “मैं खुद के लिए भी उसी प्रकार के व्यवहार की मांग करूगा जो गैर डाक्यूमेटेंड मुस्लिमों के लिए होगी। मंदर ने लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने को भी कहा है”।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन विधेयक पर दिनभर चली लंबी बहस के बाद इसे लोकसभा में 311-80 के बहुमत के साथ पास किया गया। हालांकि पहले से ही सत्तारूढ़ पार्टी की संख्या को देखते हुए लोकसभा में इसका पास होना तय माना जा रहा था। राज्यसभा में इस बिल के पास होने में समस्या हो सकती है।

राज्यसभा में बिल को पास कराने के लिए बीजेपी को एनडीए से बाहर दूसरे दलों का समर्थन चाहिए होगा। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि वह कौन से दल होंगे जो धर्म के आधार पर नागरिकता देने वाले बिल का समर्थन करेंगे।

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