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चुनाव प्रचार के दौरान हिंदू-मुसलमान करने वाले नेताओं के खिलाफ़ भारतीय निर्वाचन आयोग ने कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने अपनी रैली के दौरान सांप्रदायिक बयानबाज़ी करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे और बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर 48 घंटे का बैन लगाया है।

बैन के बाद अब ये दोनों नेता कोई चुनावी सभा नहीं कर पाएंगे, ना कोई टीवी इंटरव्यू दे पाएंगे और ना कोई राजनीतिक ट्वीट कर पाएंगे। साथ ही चुनाव आयोग ने इन दोनों नेताओं के खिलाफ़ कार्रवाई करते हुए इनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने और रोड शो करने पर भी रोक लगी दी है।

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आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत करते हुए इशारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज़ कसा है। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “हिंदू मुसलमान करने वालों की सभाओं पे, चुनाव आयोग की रोक ठीक है, लेकिन सभाओं में रोज़ झूठ बोलने वालों पर रोक कब लगेगी”।

ग़ौरतलब है कि चुनाव आयोग की ये कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद देखने को मिली है। इससे पहले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान नफरत भरे भाषण देने और धार्मिक आधार पर वोट मांगने वाले नेताओं पर कार्रवाई न करने को लेकर चुनाव आयोग को फटकार लगाई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘आप ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं कर सकते. आपने ऐसे बयानों पर कुछ नहीं किया. आपको इन बयानों पर जरूर कार्रवाई करनी चाहिए।’

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बता दें कि कुछ दिनों पहले ही सीएम योगी ने मायावती के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा था, ‘अगर आप (विपक्ष) को अली पर भरोसा है, तो हमें बजरंगबली पर भरोसा है।’ वहीं मायावती पर ने पिछले दिनों देवबंद में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की एक रैली में मायावती ने कहा था कि मुस्लिम मतदाताओं को भावनाओं में बहकर अपने मतों को बंटने नहीं देना है।