बिहार के नवादा जिल में एक 8 वर्षीय बच्चे को पांच रूपये की बिस्किट चुराने के आरोप में उल्टा लटाकर बुरी तरह पीटा गया है। घटना वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चण्डीपुर सौर गांव का है।

सोमवार को विपिन सिंह नाम के दुकानदार ने एक नाबालिग पर बिस्किट चोरी का आरोप लगात हुए पहले तो बुरी तरह पीटा, फिर अपने घर ले गया। वहां उसने बच्चे को रस्सी से उल्टा लटाकर पीटना शुरू किया।

नाबालिग के परिजनों ने विपिन सिंह के घर पहुंचकर मांफी मांगते हुए, बच्चे को छोड़ने की गुहार लगाई। लेकिन विपिन सिंह ने परिजनों की एक ना सुनी और पीटता रहा। इस दौरान आस-पास खड़े लोग वीडियो बनाते रहे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, परिजनों का कहना है कि विपिन सिंह बच्चे को सोमवार सुबह 4 बजे उठाकर ले गया। बच्चे को छोड़ने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की और कहा कि जब तक पैसे नहीं देते हैं बेटे को नहीं छोड़ेंगे। साथ ही विपिन सिंह ने धमकी भी दी कि अगर किसी ने पुलिस को सूचना दी तो बच्चे पर चोरी का आरोप लगाकर जेल भिजवा दूंगा।

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बोलता हिन्दुस्तान ने वारिसलीगंज थाना के पुलिस इंस्पेक्टर मृत्युंजय प्रसाद सिंह से बातचीत की। पुलिस इंस्पेक्टर के मुताबिक इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है क्योंकि विपिन सिंह परिवार समेत अपने घर से फरार है।

विपिन सिंह वर्ण व्यवस्था के अनुसार समाज में ऊंची माने जानी वाली भूमिहार जाति से है। वहीं नाबालिग के पिता का नाम सदन राउत है जो बिहार के अत्यंत पिछड़ा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

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अभी कल ही जातीय हिंसा की सबसे निर्मम घटनाओं में से एक ‘लक्ष्मणपुर बाथे हत्याकांड’ की 24वीं बरसी थी। नवादा की घटना को इस आलोक में देखने पर ये मामला सिर्फ चोरी और पिटाई का नहीं लगता। हिंसा को जिस तरह अंजाम दिया गया है, उसका विवरण समाज में अब भी मौजूद जातीय वर्चस्व की तस्दीक करता है।

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